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  • Tuesday, 03 November 2026

वोट चोरी मामले में Amit Shah और कांग्रेस आमने-सामने, जयराम रमेश ने की सीईसी के इस्तीफे की मांग

वोट चोरी मामले में Amit Shah और कांग्रेस आमने-सामने, जयराम रमेश ने की सीईसी के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र और चुनावी मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस को दिए गए चुनौती भरे बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने मांग की है कि अगर सरकार वोट चोरी के मुद्दे पर चर्चा करने को लेकर वाकई गंभीर है, तो उसे सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना चाहिए और एसआईआर (एसआईआर) को भी तुरंत निलंबित करना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संसद का पिछला सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुए 82 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इसका सत्रावसान नहीं किया है, जिसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है।


कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ परिसीमन विधेयक पारित कराने और राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है, ताकि वर्ष 2029 में संभावित हार से बचा जा सके। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार परिसीमन के अपने नए प्रस्तावों पर चर्चा के लिए कोई सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुलाती है? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब पूरा विपक्ष पहले एसआईआर पर बहस करना चाहता था, तब इसे चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र बताकर मना कर दिया गया था, लेकिन अब अपनी सुविधा के अनुसार बयान दिए जा रहे हैं।


यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोमवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष पर कड़ा हमला बोला था। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा था कि वे नकली संसद में चाहे जितनी बार प्रधानमंत्री बन जाएं, लेकिन असली संसद में कभी नहीं बन पाएंगे। गृहमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे हाथ में संविधान लेकर चलते हैं लेकिन उसका पालन नहीं करते हैं और संसद की कार्यवाही को बाधित करते हैं। अमित शाह ने खुली चुनौती देते हुए कहा था कि सरकार विशेष सत्र बुलाने के लिए पूरी तरह तैयार है, विपक्ष चर्चा के लिए आगे आए, लेकिन वे जानते हैं कि संसद में आने पर उनकी पोल खुल जाएगी और वे केवल अराजकता फैलाकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इस तीखे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद देश की सियासत गरमा गई है और दोनों पक्षों के बीच लगातार बयानबाजी का दौर जारी है।

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