मौलाना ने Omar Abdullah और निधि राजदान की शादी को बताया नाजायज
- एआईएमजे के अध्यक्ष मौलाना बरेलवी ने जारी किया फतवा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जाने-माने टेलीविजन पत्रकार निधि राजदान का विवाह इन दिनों राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ धार्मिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में 56 वर्ष की आयु में उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी शादी की घोषणा करते हुए तस्वीरें साझा की थीं। दोनों की यह शादी दिल्ली में विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न हुई, जिसमें दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और माता-पिता गवाह के रूप में शामिल हुए। हालांकि, इस नागरिक विवाह के सामने आने के बाद आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक फतवा जारी कर इस शादी को नाजायज करार दिया है। मौलाना ने अपने बयान में तर्क दिया कि इस्लामिक कानून और उसूलों के मुताबिक निकाह के लिए लड़का और लड़की दोनों का मुसलमान होना अनिवार्य है। चूंकि उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं और निधि राजदान गैर-मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं, इसलिए इस स्थिति में यह विवाह शरिया की नजर में वैध नहीं माना जा सकता।
उनका कहना था कि विवाह से पहले लड़की को इस्लाम स्वीकार कराया जाना चाहिए था, तभी यह रिश्ता धार्मिक रूप से जायज हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी पायल के साथ तलाक का मामला इस साल जुलाई में उच्चतम न्यायालय के आदेश और आपसी समझौते के बाद समाप्त हुआ था, जिसके बाद यह उनका दूसरा विवाह है। वहीं, निधि राजदान की भी यह दूसरी शादी है। इस सादे लेकिन गरिमापूर्ण समारोह में उमर अब्दुल्ला के पिता फारूक अब्दुल्ला, उनकी माता और तीनों बहनों सहित परिवार के अन्य करीबी रिश्तेदार मौजूद रहे। इसके अलावा निधि राजदान के माता-पिता, वरिष्ठ पत्रकार एमके राजदान और सरला राजदान भी इस अवसर पर उपस्थित थे। हालांकि, विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुए इस नागरिक विवाह पर एक धार्मिक संस्था द्वारा सवाल उठाए जाने और फतवा जारी किए जाने के बाद से सामाजिक और धार्मिक स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
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