
भारत Dairy industry में दुनिया में नंबर वन
भारत में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 23.06 करोड़ टन हुआ
नई दिल्ली। देश ने पिछले 10 सालों में दुग्ध उत्पादन तथा मछली पालन के क्षेत्र में कई गुनी वृद्धि की है और निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है। केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन ने लोकसभा में आम बजट 2024-25 में अपने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में डेयरी उत्पादन मूल्य 11.16 लाख करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा कि भारत मछली उत्पादन में विश्व में नंबर दो और डेयरी उद्योग में नंबर एक हो गया है। भारत में दुग्ध उत्पादन वर्ष 2013-14 में 14.63 करोड़ टन से बढ़ कर 23.06 करोड़ टन हो गया है। भारत में दुग्ध उत्पादन में छह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से वृद्धि हो रही है जबकि वैश्विक औसत वार्षिक वृद्धि दो प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र 68 प्रतिशत असंगठित है जिसे सरकार संगठित बनाने एवं उत्पादन और बढ़ाने का प्रयास करेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मत्स्य उत्पादन की नीली क्रांति के लिए पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्रप्रदेश सहित सभी तटवर्ती राज्यों को भरपूर सहायता दी है।
उन्होंने इन राज्यों को दी जाने वाली सहायता की राशि भी बताई। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत ये सहायता दी जा रही है। रंजन ने कहा कि देश में मवेशियों की संख्या भी बढ़ी है। गायों की संख्या 19.09 करोड़ से बढ़कर 19.30 करोड़ हुई है और भैंसों की संख्या 10.8 करोड़ से बढ़कर 11 करोड़ हो गयी है। मत्स्य पालन के उद्योग में 8.2 करोड़ लोग जुड़े हैं जबकि पशुपालन एवं डेयरी उद्योग से 12 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। वर्ष 2013-14 में भारत में मछली उत्पादन 95.7 लाख टन था जो अब 2023-24 में 174.45 लाख टन हो गया। मत्स्य उद्योग में निर्यात के आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि मछली का निर्यात वर्ष 2013-14 में 20213 करोड़ रुपए का था जो अब 60523 करोड़ रुपए का हो गया है।
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