California में केमिकल टैंक लीक, 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
कई स्कूल किए बंद, घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं
कैलिफोर्निया। अमेरिका के कैलिफोर्निया में केमिकल टैंक लीक हो गया। एयरोस्पेस फैक्ट्री में रखा केमिकल टैंक शुक्रवार को ओवरहीट हो गया था। इसके बाद आसपास के करीब 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। कई स्कूल बंद कर दिए गए और राहत शिविर खोले गए हैं। कैलिफोर्निया के ऑरेंज काउंटी स्थित गार्डन ग्रोव शहर की है। यहां जीकेएन एयरोस्पेस नाम की कंपनी में मिथाइल मेथाक्रिलेट नाम का रसायन रखने वाला प्रेशराइज्ड टैंक गर्म हो गया और उससे जहरीली गैस लीक हो गई। ऑरेंज काउंटी फायर अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक टैंक फट सकता है या उसमें दरार आ सकती है, जिससे जहरीला केमिकल जमीन पर फैल सकता है। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि टैंक में करीब 22,700 से 26,500 लीटर प्लास्टिक बनाने वाला खतरनाक केमिकल मिथाइल मेथाक्रिलेट भरा है। फायर अधिकारियों ने कहा कि हालात गंभीर हैं और टैंक को फटने से रोकने की कोशिश जारी है। लोगों से अफवाहों और गैरजरूरी कॉल से बचने की अपील की है। शुरुआत में सिर्फ गार्डन ग्रोव के लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में खतरा बढ़ने पर ऑरेंज काउंटी के पांच अन्य शहरों साइप्रस, स्टैंटन, अनाहिम, बुएना पार्क और वेस्टमिंस्टर के कुछ इलाकों से भी लोगों को सुरक्षित जगह भेजा गया। हालांकि डिज्नीलैंड के दोनों थीम पार्क फिलहाल इवैक्यूएशन जोन में शामिल नहीं हैं। प्रशासन ने तीन हाई स्कूलों समेत कई जगहों पर शेल्टर होम बनाए हैं, जहां लोगों को अस्थायी रूप से रखा गया है।
अब तक इस घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि वह इमरजेंसी सेवाओं और विशेषज्ञ टीमों के साथ मिलकर लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। फायर टीम ड्रोन की मदद से लगातार टैंक के तापमान पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने बताया कि खराब हुए दो टैंकों में से एक को ठीक कर लिया गया है, लेकिन दूसरा टैंक अब भी सबसे बड़े खतरे की स्थिति में है। टीम लगातार पानी और अन्य तकनीकों की मदद से टैंक को ठंडा करने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रेत की बोरियों से बैरियर तैयार किए हैं ताकि अगर केमिकल लीक हो तो वह नालों, समुद्र या आसपास की जलधाराओं तक न पहुंच सके। ऑरेंज काउंटी की हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि यह रसायन अत्यधिक ज्वलनशील और जहरीला है। अगर इसका तापमान बढ़ता है तो इससे निकलने वाली गैस लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है। इसके कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, खुजली, सिरदर्द और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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