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अमेरिका अब एक साथ दो परमाणु खतरों चीन और रूस का कर रहा सामना: Dinamo

अमेरिका अब एक साथ दो परमाणु खतरों चीन और रूस का कर रहा सामना: Dinamo

न्यू स्टार्ट संधि खत्म होने से हथियारों की नई रेस को लेकर चिंता बढ़ी

वॉशिंगटन। वैश्विक हालात में तेजी से बदलाव के बीच अमेरिका अब एक साथ दो परमाणु खतरों—चीन और रूस का सामना कर रहा है। यह बात शस्त्र नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के अवर सचिव थॉमस डिनानो ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान सांसदों से कही। डिनानो ने कहा कि वाशिंगटन को बीजिंग और मॉस्को दोनों से एक साथ परमाणु चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छोटे परमाणु देशों से भी खतरे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक हथियार नियंत्रण ढांचे अब मौजूदा भू-राजनीतिक और तकनीकी चुनौतियों के पैमाने और जटिलता को संभालने में सक्षम नहीं हैं। डिनानो ने कहा कि एक नामांकित अधिकारी के रूप में उन्होंने ऐसे हथियार नियंत्रण समझौते तलाशने का संकल्प लिया है, जो सत्यापन योग्य और लागू करने योग्य हों और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करें। उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय पुराने तंत्र को आधुनिक बनाने पर ध्यान दे रहा है। मौजूदा संधियां आज की वास्तविकताओं को, खासकर अमेरिका के विरोधियों की बढ़ती परमाणु क्षमताओं के संदर्भ में नहीं दर्शाती हैं। अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने वाली अंतिम प्रमुख संधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि न्यू स्टार्ट ने सिर्फ अमेरिका को रोका जबकि रूस को एक बड़ा थिएटर-रेंज्ड न्यूक्लियर हथियार बनाने और बनाए रखने की इजाजत दी। उन्होंने सरकार के एक्सपायर हो चुके समझौते से आगे बढ़ने के फैसले का बचाव किया। डिनानो ने कहा कि सरकार अब राष्ट्रपति ट्रंप के नए समझौते के दृष्टिकोण के हिसाब से अपडेटेड फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है, जो लागू करने लायक हों और उभरते खतरों के हिसाब से ढल सकें।

डिनानो ने कहा कि स्टेट डिपार्टमेंट का विस्तारित “टी फैमिली” ढांचा अब हथियार नियंत्रण, परमाणु अप्रसार, आतंकवाद-रोधी प्रयास और राजनीतिक-सैन्य मामलों जैसे प्रमुख सुरक्षा कार्यों को एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इस पुनर्गठन से विभाग के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कार्यों का एकीकरण हुआ है और इससे निर्यात नियंत्रण, प्रतिबंधों के पालन और संधि सत्यापन में बेहतर समन्वय संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि रीऑर्गेनाइजेशन ने विभाग के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों को मजबूत किया है। नया स्ट्रक्चर एक्सपोर्ट कंट्रोल, बैन लागू करने और ट्रीटी वेरिफिकेशन में सहयोग को बेहतर बनाता है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों के फैलाव को रोकने से लेकर हथियारों की बिक्री को मैनेज करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारी में सहयोग करने तक के बड़े पोर्टफोलियो की देखरेख करती है। डिनानो ने कहा कि हमारी टीम सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने से लेकर आतंकवाद से मुकाबला करने तक राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करती है। यह बात ऐसे समय में आई है जब ग्लोबल हथियार कंट्रोल फ्रेमवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। न्यू स्टार्ट संधि के खत्म होने से अमेरिका और रूस के रणनीतिक हथियारों पर लगी लिमिट हट गई है, जिससे हथियारों की नई रेस की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही चीन का बढ़ता परमाणु कार्यक्रम ने नए बहुपक्षीय समझौता बनाने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है। यह किसी भी बाइंडिंग हथियार कम करने के फ्रेमवर्क से बाहर है। यह एक ज्यादा बिखरे हुए और अनिश्चित ग्लोबल न्यूक्लियर ऑर्डर की ओर बदलाव का संकेत है।

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