Smith के सिर पर टांके और हाथ का प्लास्टर देख हुए भावुक, जानलेवा हमले के बाद भी 170 जिंदगियां बचाने वाले हीरो
दुबई। हर हीरो के पीछे कोई केप दिखे ये जरूरी नहीं, कुछ हीरो ऐसे होते हैं जिनके शरीर पर पड़े घाव के निशान उनकी बहादुरी की दास्तान खुद बयां करते हैं।’ यह बात फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर बिल्कुल सटीक बैठती है, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिष्ठित ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद 2 सम्मान से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के दौरान उनके सिर पर लगे टांकों के गहरे निशान और हाथ में चढ़े प्लास्टर की तस्वीरें पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जिन्हें लोग ‘बैटल स्कार’ कहकर सलाम कर रहे हैं। इन दर्दनाक जख्मों के बावजूद कैप्टन स्मित के चेहरे पर गर्व साफ नजर आया, जो उनकी अदम्य भावना को दर्शाता है। कई लोग चोटों के निशान देखकर भावुक हो गए।
सिर से लगातार खून बहने, गहरी चोटें लगने और शरीर के बेहाल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्हें पता था कि यदि उन्होंने हार मान ली, तो 170 से ज्यादा लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी। अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्होंने बची-कुची ताकत जुटाई और कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। उसी विमान में यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कमान संभाली और सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। कैप्टन स्मित की इसी सूझबूझ और बहादुरी के चलते एक बड़ा आसमान हादसा टल गया। उनकी इस वीरता को सम्मानित करते हुए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उन्हें और उनके क्रू को ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद 2 से नवाजा। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने एक भव्य समारोह में उन्हें यह मेडल प्रदान किया। हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है और जांच एजेंसियां मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं। कैप्टन स्मित की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चा नायक संकट के समय दूसरों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है।
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