PM Modi का बाबर के देश में सम्मान, बीजेपी वालो मुबारक हो... ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर कसा तंज
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च मित्रता सम्मान से सम्मानित किए जाने के बाद इस पर सियासत शुरू हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री को मिले सम्मान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि भाजपा को बधाई दी जानी चाहिए कि जिस देश से बाबर भारत आया था, उसी देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया है। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, उन्हें सम्मान मिलता है। उन्होंने भाजपा और संघ परिवार के पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जिस बाबर के नाम पर उन्हें गालियां दी जाती थीं, अब उसी क्षेत्र के देश ने प्रधानमंत्री को नागरिक सम्मान दिया है। ओवैसी ने कहा कि “मैं मुबारकबाद देता हूं बीजेपी वालों को कि उस देश ने भी प्रधानमंत्री को अवार्ड दे दिया, जहां से बाबर भारत आए थे।” उन्होंने आरएसएस और संघ परिवार से इस मुद्दे पर सोचने की बात कही और उम्मीद जताई कि अब बाबर का नाम लेकर उसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी नहीं की जाएगी।
ताशकंद में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान
30 अगस्त 2026 को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च मित्रता सम्मान ‘ओली दाराजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान किसी मित्र देश के नेता को दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए दिया जाता है। ‘ओली दाराजाली’ का अर्थ ‘सर्वोच्च स्तर’, जबकि ‘दोस्तलिक’ का अर्थ ‘मित्रता’ है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान मिलने के बाद इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को समर्पित किया।
फरगना घाटी और बाबर का ऐतिहासिक संबंध
ओवैसी के बयान में जिस बाबर का जिक्र है, उसका जन्म फरगना घाटी में हुआ था। फरगना घाटी मध्य एशिया में तियान शान, गिस्सार और अलाय पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित है। इसका बड़ा हिस्सा वर्तमान उज्बेकिस्तान में है, जबकि घाटी का कुछ क्षेत्र ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान तक फैला हुआ है। बाबर ने 1526 में पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल सत्ता की नींव रखी थी। उसके बाद मुगल साम्राज्य का विस्तार हुआ और आगे चलकर अकबर, शाहजहां और औरंगजेब जैसे शासक हुए। ओवैसी ने इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को आधार बनाकर प्रधानमंत्री को मिले उज्बेकिस्तान के सम्मान पर भाजपा और आरएसएस पर राजनीतिक तंज कसा है। उनके बयान के बाद बाबर, मुगल इतिहास और भाजपा की राजनीतिक विचारधारा को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
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