खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच PM Modi ने की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात -बिश्केक में एससीओ समिट में मिले
बिश्केक। किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। यह मुलाकात तब हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र में नए सिरे से हमले शुरू हुए हैं, जिससे तनाव फिर से काफी बढ़ गया है। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली व्यक्तिगत मुलाकात है। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी उनके साथ मौजूद रहे।
बताया जा रहा हैं कि इस मुलाकात में होर्मुज नाकेबंदी, चाबहार बंदरगाह और कार्गो जहाजों पर हो रहे हमलों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत की ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इससे पहले, अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद तनाव कम करने को लेकर कई बार बातचीत हो चुकी है। मुलाकात से ठीक पहले, ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अमेरिका को शांति का संदेश देकर कहा कि ईरान जंग नहीं चाहता है। हालांकि, मौजूदा तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, जिसे अपनी अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली की कार्रवाई बताया गया। पीएम मोदी की यह किर्गिस्तान यात्रा भारत के लिए मध्य एशिया के साथ संबंधों को गहरा करने, संपर्क बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मौका मानी जा रही है। एससीओ में ईरान 2023 में और भारत 2017 में पूर्ण सदस्य बने थे, जो क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग में उनके महत्व को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य एशिया पर दुनिया का ध्यान बढ़ा है।
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