Dark Mode
  • Tuesday, 13 January 2026
महाराष्ट्र निकाय चुनाव: मतदान से पहले Mahayuti की बड़ी बढ़त, 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

महाराष्ट्र निकाय चुनाव: मतदान से पहले Mahayuti की बड़ी बढ़त, 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

मुंबई। महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद राज्य के विभिन्न नगर निकायों में महायुति के कुल 68 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। इन परिणामों ने चुनावी मैदान में उतरे अन्य दलों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी है। निर्विरोध जीती गई इन 68 सीटों के विश्लेषण से पता चलता है कि इसमें भाजपा का वर्चस्व सबसे अधिक रहा है। कुल सीटों में से 44 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 22 सीटें मिली हैं। वहीं, अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में 2 सीटें आई हैं। निर्विरोध जीत का सबसे बड़ा आंकड़ा ठाणे जिले की कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में देखने को मिला है। इसके अलावा पुणे, पिंपरी-चिंचवाड, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी महायुति के उम्मीदवारों ने बिना किसी मुकाबले के जीत हासिल की है। पुणे के वार्ड नंबर 35 से भाजपा की मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप को आधिकारिक रूप से विजयी घोषित किया गया है।

इस सफलता पर केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने खुशी जाहिर करते हुए इसे सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुणे का अगला मेयर भाजपा से ही होगा और गठबंधन का लक्ष्य 125 सीटें जीतने का है। भाजपा प्रवक्ताओं का मानना है कि यह रुझान राज्य के शहरी इलाकों में पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है, जिसका श्रेय उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की लोकप्रियता और पार्टी की कुशल चुनावी रणनीति को जाता है। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे ने इन निर्विरोध चुनावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने सत्ता पक्ष पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों को डरा-धमकार या प्रलोभन देकर नामांकन वापस लेने पर मजबूर किया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई है और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच, अब सबकी निगाहें 15 जनवरी को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए होने वाले इस चुनाव के परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!