Khamenei का ताबूत देखते ही बिलख-बिलखकर रोए कालिबाफ
तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए शुक्रवार से तेहरान में राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत हो गई। पूरा देश इस समय गहरे शोक में डूबा हुआ है। इस श्रद्धांजलि समारोह का सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब खामेनेई का ताबूत तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला धार्मिक परिसर में लाया गया। ईरान के राष्ट्रीय रंगों में लिपटे ताबूत को देखकर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद कालिबाफ खुद पर काबू नहीं रख पाए। हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए वे फूट-फूटकर रोने लगे। उनके साथ मौजूद विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची भी इस दौरान काफी भावुक नजर आए।
कालिबाफ और खामेनेई का रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि 4 दशक पुराना था। दोनों का साथ 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान शुरू हुआ था, जब कालिबाफ सैन्य अधिकारी थे और खामेनेई राष्ट्रपति थे। खामेनेई ने हमेशा कालिबाफ पर भरोसा जताया और उन्हें वायुसेना प्रमुख, राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख, तेहरान का मेयर और 2020 में संसद अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुँचाया। विदेश नीति से लेकर परमाणु कार्यक्रम तक, कालिबाफ हमेशा खामेनेई की नीतियों के सबसे मजबूत स्तंभ रहे।
संसद अध्यक्ष कालिबाफ ने खामेनेई की हत्या पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश इस घटना को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने जनता से भारी संख्या में अंतिम संस्कार में शामिल होने की अपील की ताकि दुनिया को ईरान की एकजुटता का संदेश दिया जा सके। खामेनेई के 6 दिनों तक चलने वाले इस अंतिम संस्कार में करीब डेढ़ से दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी राजधानी हाई अलर्ट पर है। सोमवार को तेहरान में भव्य अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कोम ले जाया जाएगा। अंततः 9 जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद की इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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