Iran ने कहा- होर्मुज छोड़िए खुद की सुरक्षा करे अमेरिका, अमेरिका ने कहा था होर्मुज की करेंगे सुरक्षा
तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण स्थापित करने से जुड़े दावे के बाद ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बयान दिया था कि ईरान को पूरी तरह परास्त करने के बाद अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को अपने क्षेत्र के रूप में घोषित करने की योजना रखता है। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी नेतृत्व को इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य पर बेबुनियाद दावे करने के बजाय अपनी खुद की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में फिर से किसी कैटरिंग ट्रक में छिपने जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
ईरान की ओर से यह तीखा ताना पिछले दिनों तुर्की दौरे से जुड़ी एक चर्चित मीडिया रिपोर्ट के संदर्भ में मारा गया है। दरअसल, कुछ समय पहले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अंकारा से रवाना होते समय ट्रंप को लेकर सुरक्षा कारणों से रणनीति बदली गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उस वक्त एक बड़े विमान का उपयोग लोगों और मीडिया का ध्यान भटकाने के लिए किया गया था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति को एक कैटरिंग यानी खाने वाले ट्रक के जरिए गुप्त रूप से दूसरे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया था। इस वाकये की याद दिलाते हुए ईरानी नेताओं ने अमेरिकी प्रशासन पर निशाना साधा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण के दावे को ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने भी पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, युद्धपोत की तैनाती या चुनावी भाषण के बल पर कब्जा नहीं किया जा सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान किसी भी प्रकार की विदेशी धमकी या शक्ति प्रदर्शन से डरने वाला नहीं है। वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिहाज से यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम रास्तों में गिना जाता है, यही वजह है कि यहां जरा सा तनाव भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मचा देता है। मामले के तूल पकड़ने के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का वह बयान केवल एक मजाक के रूप में दिया गया था। इसके बावजूद, ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज के सामरिक महत्व को लेकर चल रही इस तनातनी ने मध्य पूर्व में कूटनीतिक हलचल को काफी बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों की ओर से आ रहे इन तीखे बयानों को भविष्य के रणनीतिक संघर्षों और क्षेत्रीय तनाव के रूप में देखा जा रहा है।
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