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  • Saturday, 15 August 2026
ऑपरेशन सिंदूर भूला Pakistan… फिर देने लगा गीदड़ भभकी

ऑपरेशन सिंदूर भूला Pakistan… फिर देने लगा गीदड़ भभकी

  • भारत ने आतंकवाद खत्म करने की रखी शर्त

इस्लामाबाद। भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर धमकी भरा बयान दिया है। हालांकि भारत का रुख पहले से ही साफ है कि पहले आतंकवाद पर लगाम लगना चाहिए। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले शरीफ ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है, युद्ध नहीं, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी गई तो मई 2025 से भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा। शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। शरीफ ने पानी को लेकर भी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के लिए पानी की हर बूंद लक्ष्मण रेखा है और भारत के सही रास्ते पर नहीं चलने पर जवाब दिया जाएगा।


शरीफ ने दावा किया कि भारत ने हार के बाद सिंधु जल समझौते को स्थगित किया। हालांकि, भारत का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की गई और मई 2025 में दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष हुआ, जिसे पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 7 अगस्त को संसद में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब माहौल आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त हो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को नीति के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है और भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा। भारत ने पहलगाम हमले के बाद कई कूटनीतिक कदम भी उठाए थे। इनमें सिंधु जल समझौते को स्थगित करना, अटारी जांच चौकी बंद करना, वीजा पाबंदियां लगाना और राजनयिक मौजूदगी कम करना शामिल था।


भारत न कहा- आतंकवाद खत्म होना जरूरी
भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि सामान्य द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा पार आतंकवाद का खत्म होना जरूरी है। भारत का कहना है कि वह आतंकवाद और उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा तथा किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग को स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से पानी और सैन्य कार्रवाई को लेकर दी जा रही चेतावनियों के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की राह फिलहाल आतंकवाद के मुद्दे से होकर ही गुजरती दिखाई दे रही है।

 

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