Bangladesh लौटेंगी हसीना, बोलीं- मौत आए तो मेरे माता-पिता की मिट्टी पर
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने दिसंबर में अपने देश लौटने के अपने अटल संकल्प को दोहराया है, भले ही इसके लिए उन्हें गिरफ्तारी, प्रताड़ना या मौत का जोखिम उठाना पड़े। वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होते हुए, 79 वर्षीय हसीना ने बेबाकी से कहा, मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी। मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं, लेकिन मुझे डर नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वहां जाना उनकी जिम्मेदारी है।
5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद सत्ता गंवाने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी गिरफ्तारी और प्रताड़ना का सामना कर चुकी हैं, लेकिन फिर भी वापस लौटना चाहती हैं। हसीना ने स्पष्ट किया कि उनकी और अवामी लीग की वापसी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता बहाल करना है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर मौत आनी ही है, तो वह उनकी अपनी मातृभूमि की उस मिट्टी पर आए, जहाँ उनके माता-पिता की समाधि है और जहाँ उनका खून बहा था। गौरतलब है कि बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने नवंबर 2025 में 2024 के प्रदर्शनों पर कार्रवाई के सिलसिले में शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। हसीना ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है।
ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है, जिस पर नई दिल्ली ने अपनी आंतरिक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत जांच करने की बात कही है। इसी कार्यक्रम के दौरान, हसीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फंडिंग रोकने के फैसले के लिए आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि इससे पैसा गलत हाथों में जाने से बचेगा। उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व वाली मौजूदा बांग्लादेश सरकार को भ्रष्ट करार देते हुए उस पर बड़े पैमाने पर बेरोजगारी, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए। यह पहली बार नहीं है जब हसीना ने ऐसी दृढ़ता दिखाई है। सत्ता से हटाए जाने की दूसरी बरसी पर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए एक ऑडियो संदेश में भी उन्होंने लौटने की बात कही थी। तब उन्होंने कहा था, मेरी किस्मत में जो भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ झेल रहे हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।
Tags
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!