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  • Friday, 02 October 2026
America ने ईरान की ओर बढ़ाया भारी सैन्य बेड़ा, हजारों सैनिक तैनात

America ने ईरान की ओर बढ़ाया भारी सैन्य बेड़ा, हजारों सैनिक तैनात

वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहराता दिख रहा है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर संभावित हमले की तैयारी के संकेत दे रहे हैं, और इसी बीच पेंटागन ने क्षेत्र में एक और विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट भेज दिया है। रविवार को सैन डिएगो से रवाना हुए इस युद्धपोत के साथ युद्धपोतों का पूरा समूह और लगभग 9,000 से 10,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भी पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट 27 सितंबर को कैलिफोर्निया के सैन डिएगो से रवाना हुआ। इसके साथ कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 9 भी तैनात किया गया है, जिसमें लड़ाकू विमानों सहित कई सुरक्षा प्रदान करने वाले युद्धपोत शामिल हैं। यह शक्तिशाली युद्धपोत अमेरिकी नौसेना की ताकत का प्रतीक है और नवंबर तक इसे पश्चिम एशिया पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा, यूएसएस मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडी ग्रुप भी क्षेत्र की ओर भेजा जा रहा है, जिसमें 2,000 से अधिक मरीन सैनिक शामिल हैं जो उभयचर अभियानों में माहिर होते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी तैनाती में लगभग 9,000 से अधिक अतिरिक्त सैन्यकर्मी पश्चिम एशिया पहुँचेंगे, जो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को काफी बढ़ा देगा। वर्तमान में, पश्चिम एशिया में यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से मौजूद हैं। यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट के पहुँचने पर कुछ समय के लिए क्षेत्र में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद होंगे, जिससे अमेरिकी नौसेना की आक्रामक क्षमता में भारी वृद्धि होगी। हालांकि, इस तैनाती का एक मकसद पहले से मौजूद यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन की जगह लेना भी हो सकता है, जो अगस्त में पश्चिम एशिया पहुँचा था और आमतौर पर जापान में तैनात रहता है। लेकिन इन सब अनिश्चितताओं के बावजूद, इस बड़ी सैन्य तैनाती से ईरान पर दबाव बढ़ना तय है, और यह क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा सकता है, जिससे किसी भी संभावित संघर्ष की आशंका गहरी हो सकती है।
वीरेंद्र/ईएमएस/02अक्टूबर2026

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