
Asim Munir को नमक खिलाकर ट्रंप ने मांगी वफादारी, अब चीन से गद्दारी करेगा पाकिस्तान?
वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान से बिना शर्त सैन्य और रणनीतिक समर्थन मांगा है। ट्रंप ने मांग की है – ‘अगर अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में जाता है, तो हम पाकिस्तान को अपने पक्ष में चाहते हैं’, इस बात की पुष्टि एक टॉप डिप्लोमैटिक सोर्स ने की है। इस समर्थन में हवाई अड्डों तक पहुंच, जमीनी लॉजिस्टिक्स और संभावित समुद्री मार्ग भी शामिल होंगे, जो किसी भी पाकिस्तान को सैन्य मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना देगा। खबर है कि ट्रंप ने लंच के बाद आसिम मुनीर से कहा – ‘पाकिस्तान ईरान को अधिकांश देशों से बेहतर जानता है। वे जो हो रहा है उससे खुश नहीं हैं। पाकिस्तान के रिश्ते इजरायल के साथ भी बुरे नहीं हैं। वे दोनों पक्षों को जानते हैं।’ मुनीर भी उनके इस बयान में छिपे इशारे को समझ गए होंगे। इसके बदले में ट्रंप ने पाकिस्तान को अमेरिकी रक्षा तकनीक तक अभूतपूर्व पहुंच का वादा किया है-जिसमें 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट और उन्नत मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही आर्थिक सहायता और ट्रेड का वादा भी ट्रंप ने पाकिस्तान से किया है। इस प्रस्ताव को पाकिस्तान की चीनी सैन्य समर्थन पर बढ़ती निर्भरता का मुकाबला करने के रूप में देखा जा रहा है।
खासतौर पर तब, जब पाकिस्तान इस साल के अंत में चीनी जे-35ए लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणाली प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने नए सुरक्षा और व्यापार समझौतों का लालच दिया और यूएस- पाकिस्तान के बीच आतंकवाद विरोधी साझेदारी का संकेत दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक उच्च-स्तरीय कूटनीतिक कदम के तहत बुधवार को व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर के साथ एक बंद दरवाजे के लंच का आयोजन किया। वाशिंगटन में टॉप डिप्लोमैटिक सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक केवल औपचारिक नहीं थी क्योंकि ट्रंप क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को साकार करने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कई व्यापक मांगें और प्रस्ताव उनके आसिम मुनीर के सामने रखे। इसमें से कुछ तो उन्हें फंसाने वाला भी हैं। यह 15 वर्षों में इस तरह की पहली मुलाकात थी और इसने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव की तरफ इशारा किया। यह लंच उस वक्त हुआ जब इज़राइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि आने वाला सप्ताह निर्णायक होगा और इस बीच उन्होंने लंच की टेबल पर उस मुस्लिम देश के फील्ड मार्शल को बैठा रखा था, जो कुछ दिन पहले तेहरान से सहयोग के राग अलाप रहा था।
बातचीत के दौरान ट्रंप का जो मुख्य संकेत था, उसके तहत उन्होंने पाकिस्तान को चीन और रूस से दूर रहने को कहा। खबर ये है कि ट्रंप ने मुनीर से पूर्वी गुटों, जिसमें ब्रिक्स शामिल है, उनसे पाकिस्तान को दूर रहने को कहा। इसके बदले उन्होंने पाकिस्तान को यूएस-नेतृत्व वाले सुरक्षा ढांचे में फिर से शामिल होने का का ऑफर दिया। शासन के करीबी एक सूत्र ने बताया कि वाशिंगटन की पाकिस्तान को चीन-रूस से दूर करने की कोशिश है। इसलिए उन्होंने मुनीर से कहा ‘हम अपने पुराने साथी को वापस चाहते हैं।’ ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच विवादास्पद मुद्दों जिसमें कश्मीर, सीमा पार आतंकवाद और सिंधु जल संधि पर व्यक्तिगत रूप से मध्यस्थता करने की पेशकश की। ट्रंप ने एक बार फिर रटा-रटाया पहाड़ा सुनाते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान बड़ी परमाणु शक्तियां हैं और हम एक और युद्ध नहीं चाहते। उन्होने बताया कि फील्ड मार्शल मुनीर को भारत के साथ युद्ध में न जाने के लिए धन्यवाद दिया और एक बार फिर दोहराया कि ये परमाणु युद्ध बन सकता था।
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