Dark Mode
Ceasefire के बीच यूरेनियम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तानातनी जारी

Ceasefire के बीच यूरेनियम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तानातनी जारी

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद फिर यूरेनियम को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हुई है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यूरेनियम के मुद्दे की अनदेखी कर कोई भी समझौता नहीं होगा। एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूरेनियम पर पूरी निगरानी रखी जाएगी और इसके बिना किसी भी समझौते की कल्पना नहीं की जा सकती। उनसे जब संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम के भविष्य को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने इस बात को अमेरिका की “पूर्ण जीत” से जोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया। दूसरी ओर, ईरान ने भी सीजफायर के लिए अपनी शर्तों में यूरेनियम संवर्धन को शामिल किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के सामने जो प्रस्ताव रखे हैं, उसमें यूरेनियम संवर्धन की अनुमति एक अहम मुद्दा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि इन शर्तों के आधार पर ही आगे बातचीत होगी। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के पीछे संवर्धित यूरेनियम हासिल करने की मंशा हो सकती है, इस उन्होंने एक “छलपूर्ण कोशिश” बताया। यह बयान उस घटना के बाद आया, जब ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बड़े स्तर पर खोज अभियान चलाया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी के अनुसार, ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम की मात्रा 10 से अधिक परमाणु हथियार बनाने की क्षमता रखती है। वर्तमान में ईरान के पास करीब 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका है, जबकि परमाणु हथियार के लिए करीब 90 प्रतिशत तक शुद्ध करना जरूरी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के लिए इस यूरेनियम को सुरक्षित रूप से हासिल करना आसान नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका एक बड़ा हिस्सा पिछले सैन्य हमलों के बाद इस्फहान और नतांज जैसे क्षेत्रों के मलबे में दबा हुआ है। इस निकालने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य और तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, सीजफायर के बावजूद यूरेनियम का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है और आने वाले समय में यह वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!