'Satya Sanatan Swabhiman Yatra' का सातवां दिन, शाजापुर से सारंगपुर तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह
- धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता, सनातन परंपरा के सम्मान और लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
शाजापुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा सोमवार को सातवें दिन में प्रवेश करेगी। यात्रा के तहत दिग्विजय सिंह शाजापुर से पदयात्रा शुरू कर राजगढ़ जिले के सारंगपुर पहुंचेंगे। इस दौरान वे साधु-संतों और अन्य सहभागियों के साथ पदयात्रा करते हुए सनातन धर्म के मूल आदर्शों, धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता और लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे शाजापुर के एबी रोड स्थित वाटर पार्क से पदयात्रा प्रारंभ होगी। यहां से यात्रा उकावता बल्डी और कशिश रेस्टोरेंट होते हुए आगे बढ़ेगी। दोपहर 1 बजे भोजन एवं विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद दोपहर 3 बजे यात्रा सारंगपुर नगर पहुंचेगी और बस स्टैंड क्षेत्र से होते हुए आगे बढ़ेगी। शाम 6 बजे पदयात्रा का विश्राम होगा। रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था सारंगपुर स्थित राठी मांगलिक परिसर में की गई है।
इससे पहले सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के छठवें दिन शाजापुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म की मूल भावना पर जोर देते हुए कहा कि प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया ही सनातन धर्म का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सर्वधर्म समभाव की सीख दी थी। धर्म सभी का सम्मान करना सिखाता है, जबकि धर्मांधता नफरत और कटुता को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाना सनातन धर्म की मूल भावना के विपरीत है।
दिग्विजय सिंह यात्रा के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर दान और चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि श्रद्धालु आस्था के साथ मंदिरों में दान देते हैं, इसलिए दान में मिली राशि और सामग्री का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। इसके साथ ही वे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का मुद्दा भी लगातार उठा रहे हैं।
बता दें कि दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई थी। यात्रा ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। करीब 930 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के जरिए दिग्विजय सिंह धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा, सामाजिक सद्भाव और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद कर रहे हैं।
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