चीन की मदद से Pakistan को मिला पहला जासूसी जहाज
इस्लामाबाद। पाकिस्तान से कभी लड़ाकू जहाज बिकने की खबर आती है तो कभी जासूसी जहाज मिलने की खबरें चलती है। अब पाकिस्तान की खुशी का कारण बना है पाकिस्तान की नौसेना को अपना पहला जासूसी जहाज पीएनएस रिजवान मिल गया है। इस काम में पाकिस्तान की चीन ने जमकर मदद की है। इस जासूसी पोत का निर्माण चीन में ही किया गया है। हालांकि इस जासूसी जहाज के बारे में पाकिस्तान ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी है। बता दें कि इस तरह के जासूसी जहाज दुनिया के गिने चुने देशों के ही पास हैं। इनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और भारत शामिल हैं। चीन आए दिन अपने जासूसी जहाज को हिंद महासागरम में उतारदेता है। वह भारत के मिसाइल लॉन्च सिस्टम पर नजर रहने के फिराक में रहता है। चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच वह भारत की ताकत के बारे में हर खबर रखना चाहता है। भारत चीन की इन हरकतों का जवाब भी देता रहा है। हालांकि श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों की वजह से चीन को हिंद महासागर में जहाज उतारने का मौका मिल जाता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने जासूसी जहाज को अपने बेड़े में शामिल करके भारत के आईएनएस ध्रुव का जवाब दिया है। पाकिस्तानी जासूसी जहाज के पास भी न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल को ट्रैक करने और अन्य खुफिया जानकारियां जुटाने की क्षमता है।
भारत के आईएनएस ध्रुव से मिलती जुलती क्षमता इसकी भी है। भारत में निर्मित आईएनएस ध्रुव 175 मीटर लंबी मिसाइल रेंज इन्स्ट्रुमेंटेशन शिप है। यह लॉन्ग रेंज रडार, डोम शेप ट्रैकिंग एंटीना और एडवांस सिस्टम से लैस है। पाकिस्तान का पीएनएस रिजवान आईएनएस ध्रुव की तुलना में छोटा है। बता दें कि आईएनएस ध्रुव को 2021 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। बता दें कि आईएनएस ध्रुव का निर्माण विशाखापत्तनम के हिंदुस्तान शिपयार्ड पर हुआ था। इसे नौसेना, डीआरडीओ और एनटीआरओ ने मिलकर बनाया था। भारत ने अपने शिप का निर्माण खुद किया है। बता दें कि इस जासूसी जहाज की तस्वीर ओपन सोर्स इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन के माध्यम से जारी हुई है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा है कि चीन के सहयोग से हिंद महासागर में अपने रणनीतिक हितों को साधने कि लेइ पाकिस्तान क्षमता बढ़ा रहा है। बताया यह भी गया कि पाकिस्तान इस जासूसी जहाज का इस्तेमाल सालभर पहले से ही करने लगा था।
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