Dark Mode
Iran के खिलाफ सऊदी अरब की भूमिका से खुश नहीं अमेरिका, रक्षा समझौते पर उठाए सवाल

Iran के खिलाफ सऊदी अरब की भूमिका से खुश नहीं अमेरिका, रक्षा समझौते पर उठाए सवाल

सीनेटर लिंडसे ने दी धमकी, सेना नहीं उतारने पर भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

वॉशिंगटन। ईरान की वजह से अमेरिका और सऊदी अरब के बीच तनाव पैदा हो गया है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सऊदी अरब को धमकी दी है। लिंडसे ईरान के खिलाफ सऊदी अरब की भूमिका से खुश नहीं हैं। ईरान के लगातार हमलों के कारण रियाद में अमेरिकी दूतावास खाली कराया जा रहा है। लिंडसे ने कहा कि ईरान के खिलाफ सऊदी अरब अपनी सक्षम सेना का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। ईरानी हमले में सात अमेरिकियों की जान जा चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लिंडसे वही सीनेटर हैं जो भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाना चाहते थे। उन्होंने अमेरिका और सऊदी अरब के रक्षा समझौते पर भी बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंक खत्म करने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहा है, लेकिन सऊदी अरब सिर्फ बयानबाजी कर रहा है। लिंडसे ने सेना न उतारने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान के लगातार हमलों से मिडिल ईस्ट में दहशत है। रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास को खाली कराया जा रहा है। लिंडसे ग्राहम ने सऊदी अरब की चुप्पी पर एतराज जताया। उन्होंने पूछा कि जब सऊदी अरब लड़ाई में शामिल नहीं है तो रक्षा समझौता क्यों।

अमेरिका ईरानी शासन को हटाने के लिए अपने अरबों डॉलर पानी की तरह बहा रहा है। दूसरी तरफ सऊदी अरब सिर्फ बयान कर रहा है। पर्दे के पीछे से मिलने वाली मामूली मदद से अमेरिका संतुष्ट नहीं है। लिंडसे ने कहा कि ईरान का शासन खत्म करने के लिए मिलिट्री एक्शन बहुत जरूरी है। अमेरिका चाहता है कि खाड़ी सहयोग परिषद के देश इस लड़ाई में आगे आएं। लिंडसे ने कहा कि यह पूरी लड़ाई उनके ही अपने इलाके में लड़ी जा रही है। अगर वे अभी अपनी मजबूत सेना का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो फिर कब करेंगे। अमेरिका को उम्मीद है कि हालात जल्दी बदलेंगे। लिंडसे ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!