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  • Wednesday, 19 August 2026
सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा, सत्ता में बैठे लोगों से नागरिक सवाल पूछें -Kiran Bedi ने सत्ता में बैठे नेताओं को दी हिदायत

सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा, सत्ता में बैठे लोगों से नागरिक सवाल पूछें -Kiran Bedi ने सत्ता में बैठे नेताओं को दी हिदायत

कोलकाता। रिटायर आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने कहा है कि देश में बदलाव सिर्फ सरकार बदलने से नहीं आएगा। इसके लिए नागरिकों को सक्रिय भागीदारी निभानी होगी, सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने होंगे और मजबूत समुदाय बनाने होंगे। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने नेताओं से नियमित रूप से टाउन हॉल बैठकें करने की भी अपील की। बेदी गोलपार्क स्थित रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित अमृता डागा मेमोरियल लेक्चर में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछने और उनकी जवाबदेही तय करने की जरूरत है।बेदी ने कहा कि नेताओं को हर एक-दो महीने में टाउन हॉल बैठकें आयोजित करनी चाहिए, ताकि वे सीधे जनता की समस्याएं सुन सकें। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों को विरोध प्रदर्शन के तौर पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, खासकर नई पीढ़ी को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अवसर मिलना जरूरी है।

इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों के लिए ईमेल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई। बेदी ने कहा कि जब नेता वोट मांगने के दौरान जनता की सेवा का वादा करते हैं, तो नागरिकों को उनसे उनके काम और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपनी समस्याएं सामने नहीं रखेंगे तो समाधान की उम्मीद भी कम हो जाएगी।पूर्व पुलिस अधिकारी ने अपराध और ड्रग्स जैसी समस्याओं से निपटने में परिवारों और स्कूलों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को समुदाय का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए स्थानीय स्तर पर लोगों की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया। बेदी ने तिहाड़ जेल में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कैदियों के पीछे अलग-अलग कहानियां देखीं और कई लोगों ने गलत फैसले लिए थे। उन्होंने कहा कि नया भारत अचानक नहीं बनेगा। यह नागरिकों और नेतृत्व की ओर से धैर्य, साहस, सतर्कता और सही फैसलों के लगातार प्रयास से तैयार होगा।

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