
Netanyahu की कनाडा, ब्रिटेन को दो टूक: कहा- तुम हमास को इनाम दो, हम ट्रंप के साथ
तेलअवीव। इजरायल का संकल्प है कि वो हमास का नामोनिशान मिटाकर ही रहेगा। उसके रास्ते में जो भी आएगा उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा। ऐसे ही संकेत इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उस वक्त दिए जब इजरायल के जमीनी ऑपरेशन का विरोध ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे देश करने लगे। इन देशों ने इजरायली सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पीएम नेतन्याहू ने साफ कर दिया आप लोग आतंकियों को इनाम दो, पर हम ट्रंप के साथ हैं। उन्होंने इन देशों पर आरोप लगाया कि वे 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के जनसंहार को इनाम दे रहे हैं और इजरायल को उसकी आत्मरक्षा के अधिकार से वंचित करना चाहते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विजन को स्वीकार करता है और सभी यूरोपीय देशों से अपील करता है कि वे भी उसे अपनाएं। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए चार शर्तें भी रखी हैं। जिसमें सभी बंधकों की रिहाई, हमास का आत्मसमर्पण, हमास नेतृत्व का निर्वासन और गाजा का पूर्ण निरस्त्रीकरण शामिल है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि कोई भी देश इससे कम स्वीकार नहीं करेगा और इजरायल भी नहीं। नेतन्याहू ने साफ किया है कि गाजा में अब इजरायल आर-पार के मूड में है और हमास को जड़ से खत्म करके ही मानेगा। उन्होंने राहत सामग्री के इस्तेमाल को भी सिर्फ गाजा के आम लोगों तक ही पहुंचाने की बात कही है। उन्होंने फौज से सतर्क रहने को कहा कि भोजन सामग्री हमास के हाथ न लगे। इस बीच ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस ने गाजा में इजरायल के नए सैन्य ऑपरेशन की कड़ी आलोचना की है और इसे गाजा पर नया नरसंहार कहा है।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा, हमसे यह कहना कि हमास के आतंकियों के नष्ट होने से पहले ही हम अपना अस्तित्व बचाने की इस रक्षात्मक लड़ाई को रोक दें और साथ ही फिलीस्तीन को राज्य का दर्जा दें — यह उन आतंकियों को बड़ा इनाम देने जैसा है, जिन्होंने 7 अक्टूबर को इज़रायल पर जनसंहार किया। यह बर्बरता और सभ्यता के बीच का युद्ध है। इज़रायल न्यायपूर्ण तरीक़ों से अपनी रक्षा करता रहेगा, जब तक कि ‘पूर्ण विजय’नहीं मिलती। नेतन्याहू ने याद दिलाया कि यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास के आतंकियों ने सीमा पार कर 1200 इज़रायली नागरिकों की हत्या की और 250 से अधिक को गाजा में बंधक बना लिया। बता दें ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर इज़रायल की नई सैन्य मुहिम की आलोचना की, जो शनिवार से शुरू हुई है। उन्होंने गाजा में असहनीय मानवीय संकट, मानवीय सहायता पर रोक और वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार पर गहरी चिंता जताई।
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