अनुशासित व्यक्तित्व की पहचान है महेश बाबू: Rajamouli
मुंबई। हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म निर्माता एस.एस. राजामौली ने सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ पर काम करने का अपना अनुभव साझा किया। राजामौली जहां एक तरफ वह सालों से महेश बाबू के अभिनय के जबरदस्त फैन रहे हैं, वहीं इस बार उन्हें जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली लगी, वह थी महेश बाबू का अविश्वसनीय अनुशासन, उनका पेशेवर रवैया और सेट पर उनका अटूट फोकस। यह एक ऐसी खूबी है, जो आज की तेजी से बदलती दुनिया में कम ही देखने को मिलती है। राजामौली ने महेश बाबू की प्रशंसा करते हुए कहा, “एक अभिनेता के तौर पर मुझे ज्यादा हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं उनके काम को लंबे समय से देख रहा हूं। मुझे पता है वो क्या कर सकते हैं और उनकी क्षमता क्या है। लेकिन जिसने मुझे सच में सरप्राइज किया, वो है उनका काम करने का तरीका।” उन्होंने महेश बाबू की एक खास आदत का जिक्र किया जो उन्हें बेहद अलग लगी और जो उनके अनुशासित व्यक्तित्व की पहचान है।
राजामौली के मुताबिक, महेश बाबू शूट के दौरान अपना फोन पूरी तरह से खुद से दूर रखते हैं, जिससे उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर केंद्रित रहता है। “वो ऑफिस में बिना फोन के आते हैं। फोन कार में ही छोड़ देते हैं और सीधे अंदर आते हैं। शूट के दौरान मैंने उन्हें कभी सेट पर फोन के साथ नहीं देखा। जब वो वापस कार में जाते हैं, तभी फोन उठाते हैं।” यह दर्शाता है कि महेश बाबू अपने काम को कितनी गंभीरता और समर्पण के साथ लेते हैं। राजामौली ने आगे बताया कि महेश बाबू का यह अनुशासन सिर्फ फोन से दूर रहने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके हर काम में दिखाई देता है। ब्रेक के समय भी वो फोन में उलझने के बजाय चुपचाप आसपास हो रही हर चीज को ऑब्जर्व करना पसंद करते हैं।
राजामौली ने कहा, “कभी-कभी दो-तीन घंटे तक वो बस अपनी जगह बैठकर लोगों को काम करते हुए देखते रहते हैं। ना फोन, ना कोई डिस्टर्बेंस, सिर्फ ऑब्जर्वेशन।” यह उनकी सीखने की प्रवृत्ति और अपने आसपास की हर बारीकी को समझने की इच्छा को दर्शाता है। राजामौली ने यह भी माना कि महेश बाबू की इस आदत ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी काफी प्रेरित किया है। अब राजामौली भी परिवार के साथ समय बिताते वक्त फोन से दूर रहने की कोशिश करते हैं, ताकि वे अपने प्रियजनों को पूरा ध्यान दे सकें। जहां महेश बाबू को हमेशा से उनकी ऑन-स्क्रीन परफॉर्मेंस और उनके करिश्माई व्यक्तित्व के लिए सराहा गया है, वहीं राजामौली की ये बातें उनके ऑफ-स्क्रीन अनुशासन और फोकस की एक नई झलक देती हैं, जो उन्हें इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित और अनुशासित सितारों में शामिल करती है।
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