मैं अपने गानों में Auto-Tune का इस्तेमाल करता हूं, अब सब कुछ ‘440’ पर
- गायक सोनू निगम ने कहा- डिजिटल दौर में कच्ची या रॉ आवाज लगती है अटपटी
मुंबई। गायक सोनू निगम ने हाल ही में ऑटो-ट्यून तकनीक को लेकर स्वीकार किया कि वे भी इसका इस्तेमाल करते हैं। सोनू निगम ने बताया कि गानों में सही टोन प्राप्त करने के लिए वे इस तकनीक का सहारा लेते हैं। उनका मानना है कि आज के डिजिटल दौर में पूरी तरह से कच्ची या रॉ आवाज थोड़ी अटपटी लग सकती है। एक पॉडकास्ट में सोनू निगम ने कहा कि ऑटो-ट्यून के दौर ने निश्चित रूप से बहुत सारे बदलाव किए हैं। लोग अक्सर इसके बारे में बुरी बातें कहते हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि जो भी हुआ है, अच्छा हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले हमें बिना ऑटो-ट्यून के गाना पड़ता था। हम भाग्यशाली हैं कि हमने इसके बिना रियाज किया है और अब हमें इसकी जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करता हूं। अब सब कुछ ‘440’ पर होता है, जबकि पहले सब कुछ लाइव होता था। हमारे पास लाइव सारंगी, लाइव स्ट्रिंग्स होती थीं, इसलिए कहीं न कहीं हमारी पिच का एकदम सही होना जरूरी नहीं था। उन्होंने डिजिटल संगीत के बदलते परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा कि अब सब कुछ डिजिटलाइज हो गया है, सब कुछ एक सीधी लाइन में चल रहा है और अगर आपकी आवाज रॉ होगी तो वह अजीब लगेगी। पहले लाइव म्यूजिक के हिसाब से एडजस्ट कर लेते थे, लेकिन अब आपका गाना अलग ही सुनाई देगा। सोनू निगम ने इस बात पर भी जोर दिया कि गायकों की जिम्मेदारी है कि वे इन साधनों का इस्तेमाल उन लोगों की आवाज ठीक करने के लिए न करें, जो वास्तव में गा नहीं सकते। उन्होंने बताया कि ऑटो-ट्यून का सही इस्तेमाल तब होता है जब एक गायक अपना 99 फीसदी देता है और ऑटो-ट्यून उसे 100 फीसदी तक ले जाता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई अभिनेता अपने गानों के लिए ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं। अगर वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं तो यह बिल्कुल ठीक है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि वे पेशेवर गायकों की जगह नहीं ले सकते। सोनू निगम का यह बयान संगीत उद्योग में ऑटो-ट्यून के इस्तेमाल पर एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!