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  • Monday, 19 January 2026
'लेबल कुछ है... माल कुछ है', विपक्षी महाजुटान पर PM Modi ने ली चुटकी, बोले- ये कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन

'लेबल कुछ है... माल कुछ है', विपक्षी महाजुटान पर PM Modi ने ली चुटकी, बोले- ये कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन

दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त देने जहां आजकल विपक्षी दल जहां बेंगलुरु में जुटे हैं और वहीं केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम बैठक आज नई दिल्ली में होने जा रही है। भाजपा का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में कुल 38 दल शामिल होंगे। यह संख्या बेंगलुरु में कांग्रेस की अगुवाई में हो रही विपक्ष दलों की बैठक में शामिल होने वाले दलों 26, से अधिक है। हालांकि एनडीए में शामिल दलों में से दस के पास लोकसभा में एक भी सदस्य नही है।

 

पीएम मोदी ने एनडीए की बैठक से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक पर निशाना साधा।पीएम मोदी ने कहा, ये सब भ्रष्टाचारी हैं जो वहां जुटे हैं। जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, वो उस बैठक में शामिल होने का उतना बड़ा पात्र। ये सभी परिवारवाद के कट्टर समर्थक हैं।बैठक से ठीक पहले एनडीए मजबूत हुआ है। 24 दल पहले से एनडीए का हिस्सा थे और बाकी नए साथी के रूप में शामिल हुए हैं।

यूपी से ओम प्रकाश राजभर और बिहार से चिराग पासवान के एनडीए में शामिल होने के बाद समीकरण बदले हैं।

बैठक से एक दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा कि 38 दलों के नेता मंगलवार को दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में भाग लेंगे।

नड्डा का बयान तब आया जब विपक्षी दल 17 और 18 जुलाई को दूसरी विपक्षी बैठक में भाग लेने के लिए बेंगलुरु पहुंचे और 26 दलों की ताकत का दावा किया।

भाजपा की अगुवाई में एनडीए में शामिल नए दल ऐसे हैं जो हाल ही में कांग्रेस के साथ थे, जैसे महाराष्ट्र से एनसीपी (अजित पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट)।

वहीं, बेंगलुरु में हो रही विपक्षी दलों की बैठक को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वहां बैठक में गठबंधन की राजनीति पर बात होगी, या फिर घोटालों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

विपक्षी महागठबंधन को स्वार्थ और अवसरवादिता का गठबंधन बताते हुए उन्होंने दिल्ली में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बेंगलुरु जाने पर प्रश्न खड़े किए, तो बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा पर चुप्पी को लेकर कांग्रेस और वामदलों को भी कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।

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