Asian Games में भारत की महिला तीरंदाजी टीम ने स्वर्ण जीता, कुश्ती में दीपांशी हारीं
नगोया। एशियाई खेलों में भारत की महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना साधा हालांकि कुश्ती में भारत की दीपांशी को कड़े मुकाबले में हार झेलनी पड़ी है। महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम में शामिल कुमकुम मोहोत, अंकिता भकत और कीर्ति ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए दक्षिण कोरियाई टीम टीम को हराया। भारतीय टीम की ओर से 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोत ने जबरदस्त खेल दिखाया। कुमकुम ने संयम और सटीकता का परिचय देते हुए लगातार बेहतरीन शॉट लगाए और अंत में स्वर्ण पदक पक्का पर निशाना साधा। टीम में कुमकुम के साथ अंकिता भकत ने अपने अनुभव और निरंतरता का बखूबी इस्तेमाल किया, जबकि कीर्ति ने भी महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को मजबूती प्रदान की। यह तीनों खिलाड़ियों के एकजुट प्रयास और तालमेल का ही परिणाम था, जिसने भारत को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि दिलाई और देश का मस्तक गर्व से ऊंचा किया।
एक ओर जहाँ तीरंदाजी में भारत ने सुनहरी सफलता हासिल की, वहीं कुश्ती में महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में भारतीय पहलवान दीपांशी को जापान की दिग्गज महिला पहलवान यू सुसाकी ने हरा दिया। सुसाकी, जो एक अनुभवी और खिताबी दावेदार मानी जाती हैं, ने अपने अनुभव और आक्रामक दांव-पेंच से दीपांशी पर भारी दबाव बनाया। दीपांशी ने कड़ी चुनौती पेश करने की कोशिश की, लेकिन जापानी पहलवान के विश्व स्तरीय प्रदर्शन के आगे वे टिक नहीं पाईं और मुकाबले में हार गईं। हालांकि, दीपांशी के लिए अभी भी पदक की उम्मीदें पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। रेसलिंग में रिपेचेज का नियम उन्हें कांस्य पदक जीतने का अवसर प्रदान कर सकता है। यदि जापानी पहलवान यू सुसाकी अपने शेष मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए फाइनल में पहुंचने में सफल रहती हैं, तो दीपांशी को रिपेचेज दौर के माध्यम से कांस्य पदक जीतने का एक और मौका मिल सकता है।
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