एशियाई खेल : Lovlina ने चीनी मुक्केबाज बाओ को हराकर स्वर्ण जीता
निशिओ। भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियाई खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। लवलीना ने महिलाओं के 75 किग्रा भारवर्ग में ये स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी मुक्केबाज बाओ जियाई को आसानी से हरा दिया। इससे भारत को इस संस्करण में 12वां स्वर्ण पदक मिला है। लवलीना ने बाओ जियाई को 5-0 से जीत दिलायी। पिछले एशियाई खेलों में उन्हें रजत पदक मिला था। वहीं इस बार उन्होंने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस बार सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में ही लवलीना ने धीमी शुरुआत की पर उन्होंने धीरे-धीरे अपने प्रहारों को गति दी। सेमीफाइनल में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कजाकिस्तान के मुक्केबाज को हराकर फाइनल में जगह बनायी। खिताबी मुकाबले में उन्होंने चीनी मुक्केबाज बाओ जियाई के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने सही समय का इंतजार किया और विरोधी पर बढ़त बनाए रखने के लिए रणनीतिक रूप से जबरदस्त पंच जड़े। अंततः, उन्होंने इतने अंक अर्जित कर लिए कि वह तकनीकी रुप से बाओ से आगे निकल गयीं।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में दिग्गज मुम्केबाज मैरी कॉम के बाद स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनी हैं। उनके लिए यह एक ऐतिहासिक डबल है, क्योंकि वह इन खेलों में भारत की तरफ से स्वर्ण और रजत दोने ही पदक जीतने वाली एकमात्र महिला मुक्केबाज हैं। इससे पहले, मैरी कॉम ने एशियाई खेलों में दो पदक जीते थे। मैरी कॉम ने साल 2014 में एक स्वर्ण और 2010 में एक कांस्य पदक जीता था। यह जीत लवलीना के लिए और भी खास है, क्योंकि शुक्रवार को वह अपना 29वां जन्मदिन मना रही थीं। इस स्वर्णिम पदक ने उनके जन्मदिन को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर जो अविस्मरणीय उपहार खुद को दिया है, उसकी तुलना किसी भी अन्य उपहार से नहीं की जा सकती।
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