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दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद Hormuz स्ट्रेट को किया बंद

दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद Hormuz स्ट्रेट को किया बंद

अमेरिका को दिया हमलों का जवाब

तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब एक बार फिर खुली सैन्य भिड़ंत में तब्दील हो चुका है। अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों के बाद ईरान ने बहुत बड़ा जवाबी दावा किया है। ईरान की सेना ने कहा है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। इसके साथ ही, समुद्र में तनाव बढ़ाते हुए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया है। इन आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों के तुरंत बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक हर तरह के यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ईरान ने दावा किया है कि बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट (पांचवें बेड़े) को निशाना बनाते हुए वहां तैनात पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना और रडार इंस्टॉलेशन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। इसके अलावा जॉर्डन में स्थित अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर भी भीषण विस्फोटों की खबरें हैं। ये दोनों ठिकाने मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के संचालन और उनके सैन्य कर्मियों के रहने के लिए जाने जाते हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त निर्देशों के बाद ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जो कि ईरान की अनुचित आक्रामकता का जवाब हैं।

अमेरिकी सेना की 18 संपत्तियां तबाह ईरानी सैन्य संगठन के मुताबिक, गुरुवार तड़के कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन के जरिए सिलसिलेवार हमले किए गए। इसके अलावा बहरीन में मौजूद शेख ईसा एयरबेस को भी निशाना बनाया गया है। संगठन का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान की सीमा के भीतर किए गए नए सैन्य हमलों के जवाब में की गई है, जिसमें अमेरिकी सेना की करीब 18 प्रमुख संपत्तियों को तबाह कर दिया गया है। ईरानी सेना ने अमेरिका पर अप्रैल महीने में हुए युद्धविराम का खुला उल्लंघन करने का संगीन आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, जिसके कारण उन्हें यह कठोर जवाबी कदम उठाने पड़े हैं। सेना ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि होर्मुज से गुजरने वाला हर तरह का समुद्री और व्यापारिक यातायात अब पूरी तरह प्रभावित होगा। अमेरिकी हमलों से ईरान को भी नुकसान अमेरिकी हमलों के कारण ईरान के केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान जैसे तटीय इलाकों में भारी तबाही और विस्फोट हुए हैं, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है। दरअसल, इस पूरे सैन्य टकराव की शुरुआत तब हुई थी जब होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था। इस घटना के बाद से ही दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन दागने का दौर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शांति वार्ता को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार किया जाएगा। इसके जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी दोटूक कह दिया है कि उनका देश किसी भी धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर हद तक जाएगा।

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