फिल्म देखे बगैर आपत्ति जताना समझ से परे है: Amit Jani
मुंबई। बॉलीवुड फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ आजकल सुर्खियों में है। इस मामले में उपजे ताजा विवाद को लेकर फिल्म निर्माता अमित जानी ने अभिनेता सलमान खान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमित जानी ने कहा कि यदि यह मामला अदालत तक पहुंचता है तो वह कानूनी रूप से अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म निर्माता जानी का कहना है कि उनकी फिल्म न तो सलमान खान पर आधारित है और न ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर, बल्कि यह बिश्नोई समाज के उन लोगों के संघर्ष की कहानी है जिन्होंने अपने अधिकारों और न्याय के लिए वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। बातचीत में अमित जानी ने कहा कि फिल्म का अभी तक न तो टीजर जारी किया गया है और न ही ट्रेलर रिलीज हुआ है। ऐसे में बिना फिल्म देखे उसके विषय-वस्तु पर आपत्ति जताना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि सलमान खान सीधे उनसे संपर्क कर फिल्म की कहानी के बारे में जानकारी लेते तो वह विस्तार से फिल्म का विषय समझा देते। उनके अनुसार, बिना पूरी जानकारी के किसी फिल्म का विरोध करना उचित नहीं माना जा सकता। निर्माता ने यह भी कहा कि फिल्म में किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई है। उनका कहना है कि यदि किसी पोस्टर में एक व्यक्ति बंदूक के साथ दिखाई देता है और कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिखा गया है, तो यह मान लेना कि फिल्म उन्हीं के बारे में है, सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि एक सामाजिक और कानूनी संघर्ष की कहानी को सामने लाना है।
अमित जानी ने अपनी पिछली फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उस फिल्म को लेकर भी कानूनी विवाद हुआ था। अदालत के निर्देश पर उन्होंने याचिकाकर्ताओं को फिल्म रिलीज से पहले दिखाई थी। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में भी अदालत कोई निर्देश देती है तो उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सलमान खान स्वयं फिल्म देखना चाहते तो वह इसके लिए भी तैयार थे। निर्माता का कहना है कि किसी भी विषय पर फिल्म बनाना रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा है। उन्होंने आरुषि तलवार हत्याकांड, देश के विभाजन, महात्मा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ जैसे विषयों और व्यक्तित्वों पर बनी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी फिल्म भी इस विषय पर लिखी गई चार पुस्तकों के आधार पर तैयार की गई है। गौरतलब है कि विवाद तब शुरू हुआ जब सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस भेजा। नोटिस में आशंका जताई गई कि फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित हो सकती है, जिससे अभिनेता की छवि प्रभावित होने की संभावना है। साथ ही यह तर्क भी दिया गया कि मामला अभी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए उस पर आधारित किसी फिल्म का निर्माण न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। विवाद को और हवा तब मिली जब फिल्म का पोस्टर सामने आया। पोस्टर में बंदूक थामे एक व्यक्ति दिखाई दे रहा था, जिसका चेहरा कई लोगों को सलमान खान से मिलता-जुलता लगा।
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