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China ने जे-10सीई मल्टी-रोल फाइटर जेट को किया अपग्रेट, प्रोपेगेंडा फैलाना किया शुरू

China ने जे-10सीई मल्टी-रोल फाइटर जेट को किया अपग्रेट, प्रोपेगेंडा फैलाना किया शुरू

यह विमान बेचने की कोशिश कर रहा चीन नहीं मिल रहे ग्राहक

बीजिंग। ऐसा लगता है चीन ने अपने जे-10 सीई मल्टी-रोल फाइटर जेट बेचने प्रोपेगेंडा मशीनरी का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है। पाकिस्तान ने इस एक साल में भले ही भारत के सैन्य ठिकानों पर अपने हमले को साबित करने के लिए एक भी सबूत पेश नहीं कर पाया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की एकतरफा जीत हुई। ऐसे वक्त में चीन की प्रोपेगेंडा मशीनरी भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया है। चीन की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि बिना किसी नुकसान के दुश्मन के कई विमानों को मार गिराया गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 मई 2026 को चीन के सरकारी मीडिया ने झांग हेंग का एक इंटरव्यू प्रसारित किया। झांग, एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ़ चाइना के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक इंजीनियर हैं। यही संस्थान जे-10सी फाइटर विमान बनाता है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी दौरान चीनी इंजीनियर ने स्वीकार किया था कि भारत के खिलाफ चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी। इस दौरान जे-10 सीई मल्टी-रोल फाइटर जेट का भी जिक्र किया गया था। इस इंटरव्यू में संकेत मिले हैं कि चीन जे-10सीई को अपग्रेड किया है। चीनी मीडिया ने अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल पाकिस्तान के फर्जी दावों को फैलाने के लिए किया है।

इसमें कहा गया था कि चार दिनों तक चले भीषण संघर्ष में जे-10सी विमान से दागी गई पीएल-15 लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करके भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों को मार गिराया गया था। ऐसा करके चीन की कोशिश अपने लड़ाकू विमान को बेचने की है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि पिछले एक साल में इस विमान का या पीएल-15 मिसाइल का एक भी ग्राहक चीन को नहीं मिला है। बता दें चीनी अखबार ने 8 मई को यह रिपोर्ट दी थी कि जे-10सीई में नए अपग्रेड किए जाएंगे ताकि इस विमान को और भी ज्यादा मारक बनाया जा सके। इस रिपोर्ट में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिज़ाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ शोधकर्ता और जे-10सी के मुख्य डिजाइनर ली जून का हवाला देते हुए बताया गया कि विदेशी ऑपरेटरों और संभावित खरीदारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने उन्नत लड़ाकू विमान को अपग्रेड करना जारी रखेगा। चीन के इस लड़ाकू विमान को सिर्फ पाकिस्तान ही ऑपरेट करता है। चीन ने कई और देशों के साथ संभावित बिक्री को लेकर बातचीत का दावा किया है लेकिन किसी भी देश से समझौता नहीं हुआ है। ली जून ने कहा कि जे-10सीई की सर्विस और मार्केट लाइफ कम से कम दो से तीन दशकों की होगी लेकिन इसमें अभी भी विकास की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि हम इस विमान को किसी भी ऐसे मित्र देश को एक्सपोर्ट करने को तैयार हैं जो हमारे विकास के रास्ते से सहमत हो और जिसकी खरीद की जरूरतें हमारे देश के संबंधित कानूनों और नियमों के मुताबिक हों।

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