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56 प्रतिशत कंपनियों ने AI को अपने प्रमुख बिजनेस प्रोसेस में किया लागू

56 प्रतिशत कंपनियों ने AI को अपने प्रमुख बिजनेस प्रोसेस में किया लागू

नई दिल्ली। भारत में केवल 25 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि उनकी वर्कफोर्स एआई का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है। यह दावा किया गया है काइंड्रिल की ताजा रिपोर्ट में। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2025 के मुकाबले 12 प्रतिशत अंक कम है, जो कर्मचारियों की तैयारी और एआई अपनाने की गति के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत की 56 प्रतिशत कंपनियों ने एआई को अपने प्रमुख बिजनेस प्रोसेस में व्यापक रूप से लागू कर दिया है। पिछले साल, 2025 में, केवल 36 प्रतिशत कंपनियों ने कहा था कि एआई उनके संगठन में पूरी तरह एकीकृत हो चुका है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों की तैयारी उस गति से नहीं हो रही है। यह रिपोर्ट आठ देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के 1,100 वरिष्ठ बिजनेस और टेक्नोलॉजी लीडर्स के सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, 81 प्रतिशत भारतीय बिजनेस लीडर्स को यह चिंता है कि एआई का विकास कर्मचारियों की क्षमताओं, मौजूदा गवर्नेंस फ्रेमवर्क और ऑपरेटिंग मॉडल से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे एक बड़ा कौशल अंतर पैदा हो सकता है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट बताती है कि 84 प्रतिशत भारतीय कंपनियों का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में स्वायत्त एआई एजेंट महत्वपूर्ण कारोबारी फैसले लेने लगेंगे। 


हालांकि, ऐसे एआई सिस्टम पर पूर्ण भरोसा करने वाली कंपनियों का प्रतिशत काफी कम है; केवल 28 प्रतिशत कंपनियां ही ऐसे एआई सिस्टम पर पूरी तरह भरोसा करती हैं जो बिना किसी मानवीय निगरानी के काम कर सकें। एआई अपनाने की दिशा में भारतीय कंपनियां कई अहम कदम उठा रही हैं। करीब 69 प्रतिशत कंपनियों ने एआई को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की भूमिकाओं में बदलाव किया है, जबकि 33 प्रतिशत संगठनों ने कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए अलग बजट और औपचारिक योजनाएं शुरू की हैं। इन प्रयासों के बावजूद, रिपोर्ट यह बताती है कि कंपनियों में संगठनात्मक बदलाव की गति, एआई से जुड़े गवर्नेंस, भरोसे और निगरानी व्यवस्था के विकास से कहीं अधिक तेज है। 


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई की सफलता केवल नई रणनीतियों, तकनीकों या उपयोग के मामलों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि कंपनियां काम करने के तरीके को किस तरह बदलती हैं और कर्मचारियों को उस बदलाव के लिए कैसे तैयार करती हैं। एआई पर भरोसा मजबूत करने के लिए कंपनियों को अपने ऑपरेटिंग मॉडल और गवर्नेंस सिस्टम में भी ठोस बदलाव करने होंगे। काइंड्रिल इंडिया के एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट, लिंगराजू सावकर ने इस संदर्भ में कहा कि भारत लगातार नई तकनीकों को अपनाने में अग्रणी रहा है और कंपनियां तेजी से एआई को अपने कारोबार का हिस्सा बना रही हैं। 

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