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  • Thursday, 05 November 2026
Iran की मदद करने वाले देशों को नहीं छोड़ेंगे: America

Iran की मदद करने वाले देशों को नहीं छोड़ेंगे: America

वॉशिंगटन। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की मदद करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई जारी रखने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रशासन जमीन, समुद्र या हवाई मार्ग से ईरानी शासन की मदद करने वालों को लगातार निशाना बनाता रहेगा। बेसेंट ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान की गतिविधियों को समर्थन देने वाले लोग अमेरिकी कार्रवाई से बचने की उम्मीद न करें। उन्होंने जोर देकर कहा, जैसा कि हम कई बार कह चुके हैं, ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत या तो आप हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ।


यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देश के बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। मंगलवार को हुए इन चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद का नियंत्रण हासिल कर लिया और कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की। इन नतीजों का असर न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलेगा। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले टेक्सास, जॉर्जिया, आयोवा और ओहायो जैसे राज्यों में गवर्नर पद गंवाने पड़े। इसके अलावा टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास, आयोवा और ओहायो में सीनेट की सीटों पर भी पार्टी को झटका लगा। ट्रंप ने इन राज्यों के मतदाताओं से यह कहते हुए मतदान की अपील की थी कि वह उन्हें (ट्रंप को) चुनाव मैदान में मानकर वोट करें। डेमोक्रेट्स ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स) दोनों पर नियंत्रण हासिल कर अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों में रिपब्लिकन के कब्जे को समाप्त कर दिया।


चुनाव नतीजों के बाद ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान युद्ध ने देश में हुए मध्यावधि चुनावों को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि मतदाता पिछले आठ महीनों से जारी इस संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान थे। हालांकि, उन्होंने इस युद्ध को एक ऐसा कदम बताया जो उन्हें उठाना ही पड़ा। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ईरान वाला मामला एक ऐसा कदम था जो हमें उठाना पड़ा, और हम इसे जारी रखे हुए हैं। इससे पहले, परिणाम आने के बाद ट्रंप ने एक लचीला और सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए संकेत दिया था कि वह डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने साथ ही डेमोक्रेट्स के एजेंडे को खारिज करने के लिए राष्ट्रपति के विशेषाधिकार (वीटो) का इस्तेमाल करने की धमकी देते हुए भविष्य में राजनीतिक गतिरोध की चेतावनी भी दी। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, मैं अगले दो वर्षों तक सिर्फ वहां बैठकर हर चीज पर वीटो नहीं लगाना चाहता।

 

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