Dark Mode
ट्रंप का दावा: Gaza से इजरायली सेना वापसी पर हुआ समझौता

ट्रंप का दावा: Gaza से इजरायली सेना वापसी पर हुआ समझौता

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हमास के हथियार छोड़ने और इजरायल की सेना के गाजा से पीछे हटने को लेकर एक समझौता हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते को पूरी तरह लागू करने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी और इसमें कई शर्तें, चुनौतियां और लंबा समय लग सकता है। इजरायल और हमास की ओर से अभी तक इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ट्रंप के अनुसार, समझौते को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजरायली सेना गाजा से पीछे हटेगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और नई फिलिस्तीनी पुलिस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। ट्रंप की 20 सूत्रीय युद्धविराम योजना में हमास के निरस्त्रीकरण, गाजा में सुरंगों के नेटवर्क को खत्म करने, इजरायली सेना की वापसी, तकनीकी विशेषज्ञों वाली नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन और युद्ध से तबाह गाजा के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।


हालांकि, हमास का रुख अब तक अलग रहा है। संगठन का कहना है कि पहले युद्धविराम के शुरुआती चरणों को पूरी तरह लागू किया जाए, इसके बाद ही हथियारों के मुद्दे पर बातचीत होगी। हमास लंबे समय से सशस्त्र संघर्ष की नीति अपनाता रहा है और उसके पास रॉकेट, एंटी-टैंक मिसाइल तथा अन्य हथियारों का बड़ा भंडार बताया जाता है। इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने समझौते को लेकर उम्मीद जताई है। उनके मुताबिक, गाजा पुलिस अपने हथियारों को नई तकनीकी प्रशासनिक व्यवस्था को सौंप सकती है। हालांकि, हमास और अन्य संगठनों के भारी हथियारों, सुरंगों और सैन्य ढांचे को खत्म करने की प्रक्रिया बाद में शुरू होगी। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पूरी प्रक्रिया में 200 से 350 दिन तक का समय लग सकता है।


अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बातचीत के हर चरण में इजरायल को शामिल रखा गया। हालांकि, इजरायल पहले से ही इस बात को लेकर आशंकित रहा है कि क्या हमास वास्तव में हथियार छोड़ेगा और गाजा पर अपना प्रभाव खत्म करेगा। अमेरिका के अनुसार, ईरान भी इस मामले में एक महत्वपूर्ण लेकिन अनिश्चित पक्ष बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव और बदलती परिस्थितियों के कारण ईरान की हमास को पहले जैसी मदद करने की क्षमता प्रभावित हुई है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है, तो यह गाजा युद्ध के बाद की राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!