अपनी शक्ति पर काबू नहीं रख पाया रावण : Yash
मुंबई। हाल ही में संपन्न हुए कॉमिक-कॉन इवेंट में मीडिया से बातचीत के दौरान फिल्म रामायण में अपने किरदार रावण को लेकर अभिनेता यश ने रावण के बहुआयामी व्यक्तित्व, रामायण के शाश्वत विचारों पर विचार साझा किए। रामायण पर अपने विचार रखते हुए यश ने कहा, किसी भी कहानी को बताने के लिए आपको अच्छाई और बुराई, सही और गलत दोनों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक, रामायण भगवान राम और रावण के बिल्कुल अलग रास्तों और सफर की कहानी है। इस मौलिक अंतर को समझाते हुए यश ने कहा, भगवान राम का जन्म राजा के रूप में हुआ था, लेकिन परिस्थितियोंवश उन्हें सब कुछ गंवाना पड़ा। फिर भी, उन्होंने अपने सदाचार और कर्मों के बल पर अपनी शक्ति और महिमा पुनः प्राप्त की। दूसरी ओर, रावण के सफर पर प्रकाश डालते हुए यश ने बताया कि, रावण ने बिल्कुल निचले स्तर से शुरुआत की और अपार शक्ति अर्जित की।
हालांकि, जैसा कि अक्सर कहा जाता है, जब आप किसी राक्षस से लड़ते हैं, तो कभी-कभी आप स्वयं उससे भी बड़े राक्षस बन जाते हैं। इस बात को लेकर बहुत सावधान रहना पड़ता है। यश के अनुसार, यही मूलभूत अंतर इस कहानी को हर दौर और हर पीढ़ी के लिए विशेष और प्रासंगिक बनाता है। जहां भगवान राम ने अपने संस्कारों और सही कामों से सब कुछ वापस पाया, वहीं रावण का सफर यह याद दिलाता है कि कैसे ताकत जब बदले और अहंकार से भर जाती है, तो विनाश की ओर ले जाती है। रावण के किरदार की गहराई पर बात करते हुए यश ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक साधारण खलनायक से कहीं ज्यादा गहरा है। उन्होंने कहा, वह कई कलाओं का ज्ञानी था। यश ने आगे जोड़ा कि अथाह ज्ञान और क्षमताओं के बावजूद, रावण अंततः अपनी शक्ति पर काबू नहीं रख पाया। यश के मुताबिक, यही विरोधाभास उन्हें पौराणिक कथाओं का सबसे दिलचस्प पात्र बनाता है। यश ने अपने बचपन से रामायण से जुड़े गहरे रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, शायद यह पहली कहानी थी जो मैंने सुनी थी। मेरे दादाजी मुझे ये कहानियां सुनाया करते थे और आप अपने दिमाग में उनकी एक अलग दुनिया बना लेते हैं।
रावण के किरदार की तैयारियों पर बात करते हुए यश ने कहा कि उनका ध्यान रावण को नए सिरे से गढ़ने पर नहीं था, बल्कि उसकी सोच को समझने पर था। उन्होंने खुद से पूछा, एक अभिनेता के तौर पर आप इसमें नया क्या ला रहे हैं? इस किरदार के बारे में आपकी अपनी क्या समझ है? निर्देशक नितेश तिवारी और लेखकों की सोच की सराहना करते हुए यश ने कहा, मैं यह समझना चाहता था कि रावण ने जो कुछ भी किया, उसके पीछे उसकी क्या वजह थी। मेरे लिए उसके कामों के पीछे की मंशा को समझना बाकी किसी भी चीज़ से ज्यादा जरूरी था। मालूम हो कि यश न केवल इस महाकाव्य में रावण का केंद्रीय किरदार निभा रहे हैं, बल्कि अपने बैनर मॉनस्टर माइंड क्रिएशंस के तहत इसे सह-प्रोड्यूस भी कर रहे हैं, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है।
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