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  • Saturday, 05 September 2026
सीजन की शुरुआत में ही औंधे मुंह गिरे आलू के दाम, farmers बेहाल

सीजन की शुरुआत में ही औंधे मुंह गिरे आलू के दाम, farmers बेहाल

मंडियों में भारी आवक से कीमतों पर दबाव

नई दिल्ली। सीजन की शुरुआत होते ही देशभर की मंडियों में आलू के दाम तेजी से गिर गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई स्थानों पर किसानों को अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही है। कीमतों में भारी गिरावट से परेशान किसान मजबूरी में अपनी उपज सड़कों पर फेंकने को विवश हैं। थोक बाजार के साथ-साथ खुदरा बाजार में भी आलू सस्ता हो गया है। जानकारों के मुताबिक आलू के दाम गिरने की सबसे बड़ी वजह पिछले साल का भारी स्टॉक है, जो अब भी बड़ी मात्रा में कोल्ड स्टोरेज में भरा पड़ा है। इसके अलावा अनुकूल मौसम के चलते इस साल भी आलू की बंपर पैदावार की उम्मीद है। पुराना आलू खराब होने के डर से बाजार में उतारा जा रहा है, वहीं नए आलू की आवक भी लगातार बढ़ रही है। इससे मंडियों में सप्लाई मांग से कहीं अधिक हो गई है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडी आगरा में आलू के थोक भाव एक महीने में 900-1,250 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 500-650 रुपये रह गए हैं।

पश्चिम बंगाल की कोलकाता मंडी में भाव 1,500-1,550 रुपये से गिरकर 1,100-1,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी और दिल्ली की मंडियों में भी भाव 300–900 रुपये प्रति क्विंटल तक लुढ़क गए हैं। मंडियों में कीमतें गिरने का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है। पिछले महीने जहां आलू 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत 13 से 20 रुपये प्रति किलो रह गई है। मंडियों में साधारण आलू 5-6 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस महीने आलू के दाम दबाव में बने रह सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आवक घटेगी, अगले महीने से कीमतों में कुछ सुधार की उम्मीद है।

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