Dark Mode
  • Saturday, 08 August 2026
Trump के शाही महल वाले प्रोजेक्ट्स पर चला कानूनी हथौड़ा व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम पर रोक

Trump के शाही महल वाले प्रोजेक्ट्स पर चला कानूनी हथौड़ा व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम पर रोक

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में प्रस्तावित विशाल बॉलरूम के निर्माण को लेकर बड़ा झटका लगा है। वॉशिंगटन स्थित फेडरल अपील्स कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन को 40 करोड़ डॉलर की इस परियोजना पर काम रोकने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले पर 14 दिनों की रोक लगाई है, ताकि प्रशासन चाहे तो सुप्रीम कोर्ट में इसकी समीक्षा की मांग कर सके। डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट की तीन जजों वाली पीठ ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि कोई भी राष्ट्रपति व्हाइट हाउस और उसके आधिकारिक आवास का स्थायी मालिक नहीं, बल्कि अस्थायी निवासी होता है। इसलिए राष्ट्रपति को इस संपत्ति में मनमाने तरीके से बड़े बदलाव करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। अदालत के मुताबिक व्हाइट हाउस परिसर वर्तमान और भविष्य के राष्ट्रपतियों के साथ अमेरिकी जनता के उपयोग के लिए संरक्षित किया गया है।


अदालत ने अमेरिकी करदाताओं के पैसे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी इतिहास में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता, जब किसी राष्ट्रपति ने निजी तौर पर जुटाए गए धन का इस्तेमाल कर व्हाइट हाउस के महत्वपूर्ण हिस्से को एकतरफा तरीके से गिराया हो। अदालत ने इस मामले में ऐतिहासिक संरक्षण से जुड़े संगठन के पक्ष में फैसला दिया। मामला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ, जब ट्रंप प्रशासन ने व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को ध्वस्त कर वहां करीब 90 हजार वर्ग फुट का विशाल बॉलरूम बनाने की योजना आगे बढ़ाई। परियोजना की लागत करीब 40 करोड़ डॉलर बताई गई और इसका खर्च निजी फंड से उठाया जाना था। अदालत ने कहा कि इस प्रक्रिया में कांग्रेस की अनुमति और पर्याप्त निगरानी का अभाव रहा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन को तत्काल राहत मिली है, क्योंकि अदालत ने आदेश के प्रभाव को 14 दिनों के लिए रोक दिया है। इस दौरान सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है। ट्रंप ने इससे पहले व्हाइट हाउस के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण को अमेरिका के व्यापक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया था। जुलाई में उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास ऐसी आधुनिक और भव्य औपचारिक सुविधाएं होनी चाहिए, जो दुनिया की दूसरी बड़ी शक्तियों के बराबर या उनसे बेहतर हों। उनके मुताबिक यह परियोजना राष्ट्रीय शक्ति, इतिहास और अमेरिकी आत्मविश्वास को दर्शाने वाली होगी।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!