बदनामी से बचने के लिए इजरायल ने लेबनान से माफी मांगी ?
गाजा। हमास और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का अंत क्या होगा। कोई नहीं जानता। पर इतना जरुर है कि संघर्ष विराम खत्म होने के बाद फिर युद्ध शुरु हो गया है। आईडीएफ ने गाजा में हमास के ठिकानों पर तेजी से हमला शुरू कर दिया है। इजरायल का दावा है कि अभी भी हमास के पास उसके सैकड़ों लोग कैद में हैं। हमास पर हमलों के बीच इजरायली सेना ने लेबनान से माफी मांगी है। मामला इजरायली अटैक में लेबनान के एक सैनिक की हत्या को लेकर है। हिजबुल्लाह के ठिकाने पर हमला के बजाय इजरायली सेना ने लेबनान की चौकी उड़ा दी। अब उसकी हर ओर बदनामी हो रही है। आईडीएफ ने सफाई में कहा है कि उसका निशाना हिजबुल्लाह था लेकिन, उसे रिपोर्ट मिली है कि हमले में कई लेबनान सैनिक हताहत हुए हैं। अब आईडीएफ मामले की जांच की बात कह रही है।
एक दुर्लभ बयान में इजरायल रक्षा बल आईडीएफ ने बुधवार को हमले के दौरान एक लेबनानी सैनिक की हत्या पर खेद व्यक्त किया। सेना के अनुसार, सीमा पर हिजबुल्लाह के ठिकाने का पता लगा था, जिसके बाद हमला किया गया। यह हमला हिजबुल्लाह द्वारा संभावित हमले को नष्ट करना था। आईडीएफ को एक रिपोर्ट मिली कि हमले के दौरान लेबनान की सेना के कई सैनिक घायल हो गए। उसने कहा कि हमले का निशाना लेबनानी सेना नहीं थी। उसे इस घटना के लिए खेद है और इसकी जांच की जाएगी। गौरतलब है कि इजराइल की सेना ने दक्षिणी गाजा के मुख्य शहर पर हमला शुरू किया था जो पांच सप्ताह बाद भी जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, हमास की सशस्त्र शाखा, अल क़स्साम ब्रिगेड ने कहा कि उसके लड़ाके इजरायली लोगों के साथ हिंसक झड़पों में लगे हुए हैं। हमास की सशस्त्र शाखा ने कहा कि उसने आठ इजरायली सैनिकों को मार डाला या घायल कर दिया और 24 सैन्य वाहनों को नष्ट कर दिया। एक इजरायली सैन्य वेबसाइट ने मंगलवार को दो सैनिकों की मौत और जमीनी कार्रवाई शुरू होने के बाद से 83 सैनिकों की मौत की सूची दी है।
युद्धविराम की अवधि 4 दिसंबर को पूरी होने जाने के बाद इजरायली सैनिकों ने गाजा में हमास आतंकवादियों के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच, मीडिया ने वाशिंगटन के अधिकारियों के हवाले से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा में शामिल लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है। दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका, कतर और मिस्र, जिन्होंने पहले इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की थी, ने कहा कि वे लंबे संघर्षविराम पर काम कर रहे थे। हालांकि, कतर द्वारा इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाने के बाद एक और अस्थायी संघर्ष विराम की उम्मीदें धूमिल हो गईं हैं। इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में अब तक 16,000 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि गाजा के 23 लाख में से तीन-चौथाई से अधिक आबादी पलायन कर चुकी है।
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