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  • Tuesday, 13 January 2026
तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत 'Samudra Pratap'

तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत 'Samudra Pratap'

114.5 मीटर लंबा और 4,200 टन वजनी, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम

नई दिल्ली। सोमवार को तटरक्षक बल के बेड़े में स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को शामिल हो गया। समुद्र प्रताप को विशेष रूप से प्रदूषण कंट्रोल के लिए डिजाइन किया गया है। यह सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उतना ही सक्षम है और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ यह है, कि इस शिप में एक ही प्लेटफार्म पर कई क्षमताओं को इंटीग्रेट किया गया है। मीडिया रिपोर्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक यही आधुनिक अप्रोच आज की समुद्री चुनौतियों की मांग है, जहां लचीलापन और तैयारी दोनों अहम हैं। ‘समुद्र प्रताप’ का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ 114.5 मीटर लंबा और करीब 4,200 टन वजनी है। यह शक्तिशाली पोत 60 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है। ‘समुद्र प्रताप’ की गति 22 नॉट से ज्यादा है। रक्षामंत्री ने कहा कि इस शिप की खास बात है कि इसमें 60 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह अपने आप में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है। हमारी मेक इन इंडिया पहल का असली अर्थ ऐसे ही प्रोजेक्ट में दिखाई देता है। इतने जटिल प्लेटफार्म में भी, इस स्तर की स्वदेशी सामग्री यह दिखाती है कि हमारा डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम अब काफी मेच्योर हो चुका है। उन्होंने कहा कि समुद्र प्रताप प्रदूषण नियंत्रण वेसल है और तटरक्षक बल के बेड़े की अब तक की सबसे बड़ी पोत भी है। रक्षामंत्री ने कहा कि हाल के सालों में समुद्री प्रदूषण भी एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन कर उभरा है।

जाहिर सी बात है, जब समुद्री प्रदूषण बढ़ेगा, तो मछुआरों की आजीविका, तटीय समुदायों का भविष्य और हमारी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा, सब पर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए हमारे तटरक्षक बल द्वारा चलाए गए तटीय स्वच्छता अभियान प्रदूषण रिस्पांस अभियान और बहु एजेंसी समन्वय वास्तव में सराहनीय हैं। आपने यह दिखाया है, कि जब निश्चय स्पष्ट हो और समन्वय मजबूत हो, तो बड़े से बड़े संकट का भी सामना किया जा सकता है। रक्षामंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं, कि समुद्र हमारी संस्कृति, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे भविष्य का आधार है। एक सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र ही, सुरक्षित व्यापार, सुरक्षित जीवन और सुरक्षित पर्यावरण की गारंटी दे सकता है। ऐसे में समुद्र प्रताप जैसे प्लेटफार्म हमें यह विश्वास देते हैं कि भारत एक सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने की अपनी समुद्री प्रतिबद्धता को न सिर्फ समझता है बल्कि उन्हें निभाने के लिए पूरी तरह तैयार भी है। बता दें समुद्र प्रताप पर दो महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी एक रोल मॉडल बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता खोल रही हैं। राजनाथ ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि तटरक्षक बल ऐसे ही सबके लिए अवसर और विकास का माध्यम बना रहेगा। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज महिला अफसरों को पायलट, ऑब्जर्वर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टि ऑफिसर और लॉ ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों में नियुक्त किया गया है। आज की महिला केवल सहायक की भूमिका में नहीं बल्कि फ्रंटलाइन योद्धा के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रही हैं।

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