Dark Mode
Europe और रूस तक सुनाई दे रही है पश्चिम एशिया युद्ध की गूंज, ट्रंप की बढ़ी बेचैनी

Europe और रूस तक सुनाई दे रही है पश्चिम एशिया युद्ध की गूंज, ट्रंप की बढ़ी बेचैनी

-ईरान ने भारत से कहा- ब्रिक्स समिट के बयान में अमेरिकी हमलों की निंदा की जाए

वाशिंगटन। पश्चिम एशिया का युद्ध अब सिर्फ क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहा, इसके गहरे जियोपॉलिटिकल असर सामने आ रहे है। यूरोप और रूस तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। तेल बाजार, कूटनीति और वैश्विक गठबंधनों में नए समीकरण बन रहे हैं। इससे साफ है कि इस संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और रिश्ते पहले जैसे नहीं रहेंगे। पश्चिम एशिया के युद्ध में ईरान के कड़े तेवरों के बीच ट्रंप के बयानों में बेचैनी नजर आ रही है। उन्हें डर है कि लंबा युद्ध, बढ़ती तेल कीमतें और यूएस के लिए नुकसान संकट बन सकते हैं। नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनाव नजदीक है और हार की स्थिति में महाभियोग का खतरा राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने भारत से कहा है कि ब्रिक्स समिट के बयान में अमेरिकी हमलों की निंदा की जाए। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ सऊदी अरब, यूएई और ईरान है। ऐसे में पश्चिम एशिया संकट के बीच समिट में संतुलन कैसे बनेगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव थमा भी नहीं था कि इस संघर्ष पर मतभेद सामने आ गए। इटली, स्पेन और फ्रांस ने अमेरिका की कार्रवाई पर विरोध जताया है।

नाटो बेस पर हमलों के बीच संगठन एकजुट दिखने की कोशिश करेगा, अगर नाटो सीधे जंग में उतरा तो हालात बहुत ही गंभीर हो सकते हैं। ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमले खाड़ी देशों के लिए अप्रत्याशित थे। कई देशों ने अमेरिका पर दबाव भी बनाया। खाड़ी देशों के युद्ध में शामिल होने से इनकार से संकेत मिलता है कि उन्हें लगता है कि अमेरिका की सुरक्षा प्राथमिकता इजराइल है, न कि खाड़ी देश, जिससे आपसी अविश्वास बढ़ सकता है। ईरान पर हमलों और ऊर्जा बाजार में आई हलचल से रूस को फायदा हुआ है। ऐसे संघर्षों में तेल बेचने वाले देशों की कमाई बढ़ जाती है। ईरान के विदेश मंत्री ने भारत के रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका के रवैये का जिक्र किया, जिससे साफ है कि मौजूदा हालात में रूस का प्रभाव और महत्व बढ़ा है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!