किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते, गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला जरूरी: Gautam Gambhir
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को शुक्रवार को रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में 249 रन का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद 6 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने मीडिया से बात करते हुए बल्ले और गेंद के बीच अधिक कड़े और संतुलित मुकाबले की आवश्यकता पर जोर दिया। गंभीर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव के प्रदर्शन की जमकर तारीफ भी की। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, आप किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते। अगर आप सुधार करते रहना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहते। हम एक वर्ल्ड चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम सुधार करते रहना चाहते हैं।
गंभीर ने स्वीकार किया कि गेंदबाजों के लिए हालात बेहद मुश्किल थे। उन्होंने कहा, ये साफ तौर पर गेंदबाजी के लिए मुश्किल हालात हैं। हम जानते हैं कि ओस वाली सपाट विकेटें होती हैं। यह मुश्किल है। हमें इसका हल निकालना होगा। उन्होंने वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय दिया, विशेष रूप से शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की बल्लेबाजी को। गंभीर ने कहा, वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय जाता है। वेस्टइंडीज ने पहले ओवर में दो विकेट और फिर पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद शाई होप और शेरफेन ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों वर्ल्ड-क्लास बल्लेबाज हैं। यह हमारे लिए मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे। गंभीर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए क्रिकेट की प्रकृति पर सवाल उठाया, जहाँ गेंदबाजों को अक्सर बल्लेबाजों के रहमोकरम पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा, हालात ऐसे होने चाहिए कि बॉलर्स को बैटर्स के रहमोकरम पर छोड़ने के बजाय मुकाबला करने का सही मौका मिले।
भारतीय हेड कोच ने क्रिकेट के समग्र स्वास्थ्य के लिए संतुलित प्रतिस्पर्धा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, हम एक बराबरी का मुकाबला भी देखना चाहते हैं। ये बॉलर हमारे बॉलर हैं, किसी और के नहीं। उनका करियर दांव पर लगा है, उन्होंने इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का रहा, तो हम क्रिकेट का बेहतर खेल देखेंगे। गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव के प्रदर्शन की विशेष सराहना की, जिन्होंने शुरुआती सफलता दिलाकर टीम को थोड़ी उम्मीद दी थी। गंभीर ने कहा, वह एक तेज गेंदबाज है, उसे एक तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह धीमा गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो करें, अगर आप 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से गेंदबाजी करते हैं, तो करें। जब आप तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। और उसने आज ऐसा ही किया और सफलता हासिल की।
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