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  • Tuesday, 08 September 2026
जहरीली शराब मामले में मौत का आंकड़ा बढ़कर 25 पहुंचा, 50 से ज्यादा मरीज अब भी अस्पताल में हैं भर्ती, 13 ICU में

जहरीली शराब मामले में मौत का आंकड़ा बढ़कर 25 पहुंचा, 50 से ज्यादा मरीज अब भी अस्पताल में हैं भर्ती, 13 ICU में

  • अब तक मुख्य सरगना समेत 14 आरोपी गिरफ्तार]

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब का कहर से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार से मंगलवार सुबह तक 10 और लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद मृतकों की संख्या 25 तक पहुंच गई है। हालांकि, इनमें सभी मौतों की प्रशासनिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जहरीली शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज होने के बाद तस्करों में भी हड़कंप मचा हुआ है। आरोप है कि पकड़े जाने के डर से शराब माफिया कहीं शराब की पेटियां खेतों में फेंक रहे हैं तो कहीं औने-पौने दाम में बेच रहे हैं। कुछ जगहों पर क्वार्टर मुफ्त बांटकर तस्करों के भागने की भी जानकारी सामने आई है। विडंबना यह है कि तस्करों द्वारा ठिकाने लगाई जा रही यही शराब लोगों तक पहुंच गई। इसे पीने के बाद सोमवार को गूगरा खुर्द में 3 और छापरी में 2 समेत कुल 10 लोगों की मौत सामने आई। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।


बीएमसी में 140 से ज्यादा मरीज पहुंचे
जहरीली शराब पीने के बाद बीएमसी अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार सुबह से सोमवार शाम तक 140 से ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इनमें 50 से अधिक मरीजों का इलाज जारी है, जबकि 13 मरीज आईसीयू में भर्ती बताए गए हैं। इलाज के बाद 20 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। सोमवार को 11 मरीजों का डायलिसिस भी किया गया।


मुख्य सरगना समेत 14 गिरफ्तार
एएसपी जयवीर भदौरिया के मुताबिक, मामले में मुख्य सरगना चंदू राजा और राघवेंद्र सिंह समेत 30 नामजद आरोपियों में से अब तक 14 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से शराब की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि ड्रमों में केमिकल लाकर सागर के बंडा क्षेत्र के ततरवारा गांव में संचालित अवैध फैक्टरी में अलग-अलग ब्रांड की नकली शराब तैयार और पैक की जाती थी। पुलिस को इस नेटवर्क के तार मुरैना से भी जुड़े होने की आशंका है। मामले में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।


पुलिस और शराब माफिया का गठजोड़?
इस मामले ने पुलिस और शराब माफिया के कथित गठजोड़ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बरायठा थाना क्षेत्र के अदावन गांव के रहने वाले ब्रजेश महाराज ने आरोप लगाया है, कि उनके घर के सामने लल्ला बाई लोधी का परिवार कथित तौर पर अवैध शराब बेचता है। उनका कहना है कि वह करीब दो महीने से पुलिस चौकी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत कर रहे हैं। ब्रजेश के मुताबिक, 31 अगस्त को उन्होंने एसपी को सीसीटीवी फुटेज भी दिए थे, जिनमें सुबह और देर रात वाहनों से शराब की पेटियां उतारते हुए लोग दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि एसडीओपी ने कार्रवाई का भरोसा दिया था। हालांकि, ब्रजेश का आरोप है कि शिकायत के बाद उनका सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जुलाई में अवैध शराब की शिकायत करने के बाद उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कराया गया था। जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतों के बीच पुलिस की कार्रवाई और अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब जांच का केंद्र इस बात पर है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसमें इस्तेमाल केमिकल क्या था और इसे सागर के अलावा किन इलाकों तक पहुंचाया गया।

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