
‘बैटल ऑफ गलवान’ रियल हीरोज को सम्मान देने का प्रयास: Chitrangada Singh
मुंबई। बालीवुड सुपर स्टार सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आने वाली हैं। अभिनेत्री ने कहा कि यह फिल्म केवल एक युद्ध पर नहीं, बल्कि उन रियल हीरोज को सम्मान देने का प्रयास है जिनकी कहानियां अक्सर अनकही रह जाती हैं। चित्रांगदा सिंह का कहना है कि इस फिल्म की सबसे खास बात इसकी भावनात्मक गहराई और सशक्त थीम है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए इस फिल्म से जुड़ने की प्रेरणा इसकी कहानी रही। आर्मी बैकग्राउंड से आने के कारण मैं इन भावनाओं को बेहतर समझती हूं। मैंने इस घटना के बारे में पहले काफी पढ़ा और सुना है, इसलिए जब मुझे इस फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिला, तो यह मेरे लिए गर्व की बात थी।” अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिल्म में अपने किरदार को केवल एक रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी मानती हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ काम करने के अनुभव को लेकर चित्रांगदा ने कहा कि सलमान का किसी भी प्रोजेक्ट में होना उसे खुद-ब-खुद भव्य बना देता है। उन्होंने बताया कि फिल्म की कहानी को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत किया जा रहा है और पूरी टीम इसे लेकर बेहद समर्पित है। उन्होंने कहा, “सलमान खान जिस फिल्म से जुड़ते हैं, वहां माहौल पूरी तरह प्रोफेशनल और प्रेरणादायक हो जाता है। यह एक ऐसी कहानी है जिसे हर हाल में बताया जाना चाहिए।” हाल ही में सलमान खान फिल्म्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इंडिया गेट के सामने चित्रांगदा सिंह की एक तस्वीर साझा करते हुए उनका फिल्म में स्वागत किया था।
पोस्ट में लिखा गया था, “सादगी और शालीनता का रूप, चित्रांगदा सिंह का बैटल ऑफ गलवान की टीम में स्वागत है।” इससे पहले, अभिनेत्री ने अपनी पिछली फिल्म ‘रात अकेली है-2’ के अनुभव साझा करते हुए बताया था कि उसमें उन्हें एक शॉट के लिए 28 रीटेक देने पड़े थे, जो उनके करियर का अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभव था निर्देशक हनी त्रेहन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने उन्हें एक कलाकार के रूप में नया दृष्टिकोण दिया। चित्रांगदा सिंह का मानना है कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियां न केवल कलाकारों के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक नई और जरूरी दृष्टि लेकर आती हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में हमारे समाज के अनकहे पहलुओं को उजागर करती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। बतौर कलाकार, यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ऐसी कहानियों को सही ढंग से प्रस्तुत कर सकूं।” यह फिल्म 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई वास्तविक झड़पों पर आधारित है और इसे चित्रांगदा ने साहस, वीरता और देशभक्ति की सच्ची और गहरी कहानी बताया है।
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