भाजपा के कश्यप ने की Akhilesh से मुलाकात, यूपी में गरमा गई सियासत - बरेली में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले राजनीतिक भूचाल
बरेली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली के दौरे पर आ रहे हैं, लेकिन इससे ठीक पहले जिले का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। आंवला से लगातार दो बार सांसद रहे और पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा से इस्तीफा देकर रविवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर बड़ा सियासी दांव चला है।
धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी बेटी कीर्ति के साथ अखिलेश से मुलाकात की और उसके लिए बिथरी चैनपुर सीट पर दावा भी ठोंक दिया। उनके इस कदम से समाजवादी पार्टी में भी हलचल मच गई है, क्योंकि सपा के वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव अपने बेटे डॉ. देवेंद्र यादव के लिए इसी सीट से टिकट की पैरवी कर रहे थे। इस आंतरिक खींचतान को देखते हुए अखिलेश यादव ने वीरपाल को लखनऊ बुलाकर समीकरणों पर चर्चा की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली में करीब साढ़े तीन घंटे रहेंगे। इस दौरान वे बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के करीब पांच हजार ग्राम प्रहरियों से संवाद कर उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री बरेली क्लब मैदान में बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद सीट से भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और सभा स्थल पर वाटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था शामिल है। धर्मेंद्र कश्यप के पिछले कुछ दिनों में उठाए गए कदमों से जिले में राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात के बाद पार्टी में उनके शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। इसकी विधिवत घोषणा 27 अक्टूबर को लखनऊ में एक कार्यक्रम में की जाएगी, जहां वे अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल होंगे। धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी कीर्ति कश्यप को बिथरी चैनपुर सीट से चुनाव लड़ाने की इच्छा पहले ही जता चुके हैं, और उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। बरेली की सियासत में हलचल उस वक्त और तेज हो गई, जब सपा के वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव को आंवला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया।
माना जा रहा है कि वीरपाल अपने बेटे डॉ. देवेंद्र यादव के लिए बिथरी चैनपुर सीट से टिकट की पैरवी कर रहे थे, लेकिन इसी सीट पर धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए ही सपा प्रमुख ने वीरपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार को लखनऊ बुलाकर समीकरणों पर चर्चा की। चर्चा के बाद वीरपाल को आंवला की जिम्मेदारी सौंप दी गई, जिसे उनकी राजनीतिक भूमिका के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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