America फर्स्ट या परिवार फर्स्ट? ट्रंप के बेटों ने कमाए 1.6 अरब डॉलर
वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है, जिसमें उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालिया खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने कजाकिस्तान के साथ एक ऐसी बड़ी डील की है, जिससे सीधे तौर पर ट्रंप के बेटों और उनके वाणिज्य मंत्री के परिवार को अरबों डॉलर का वित्तीय फायदा होने जा रहा है। यह मामला अमेरिका में नैतिक और हितों के टकराव को लेकर बहस छेड़ रहा है। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है, जिसके अनुसार अमेरिका ने कजाकिस्तान के साथ दुनिया के सबसे बड़े दुर्लभ खनिज टंगस्टन के भंडार को विकसित करने के लिए 1.6 अरब डॉलर (लगभग 13,500 करोड़ रुपये) की सरकारी डील की है। यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि टंगस्टन का इस्तेमाल मिसाइल वॉरहेड्स, फाइटर जेट्स, सेमीकंडक्टर्स और कई एडवांस सैन्य तकनीकों में होता है। वर्तमान में वैश्विक टंगस्टन बाजार पर चीन का पूरी तरह से कब्जा है, और चीन लगातार इसके निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ा रहा है। अमेरिका इस डील के जरिए चीन पर अपनी निर्भरता खत्म करना चाहता है। हालांकि, अब इस डील से ज्यादा चर्चा उन चेहरों की हो रही है जिनकी तिजोरियां इस सरकारी सौदे से भरने वाली हैं।
दस्तावेजों से पता चलता है कि जैसे-जैसे सरकारी स्तर पर इस डील की बातचीत आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी समय ट्रंप और उनके करीबी मंत्रियों के परिवारों की कंपनियों ने इस सौदे में अपनी हिस्सेदारी खरीदनी शुरू कर दी थी। सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क के सेंट रेजिस होटल में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इसी बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद फोन कॉल के जरिए कजाकिस्तान के राष्ट्रपति को इस परियोजना के लिए राजी किया। इस बैठक के कुछ हफ्तों बाद ही, डोमिनारी सिक्योरिटीज नामक एक निवेश फर्म ने कजाकिस्तान माइनिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य कंपनी में शेयर खरीद लिए। यह कंपनी ट्रंप टावर से चलती है और इसमें डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप की 20% हिस्सेदारी है। दूसरी ओर, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बेटों ब्रैंडन और काइल की एक कंपनी, निवेश बैंक कैंटर फिट्जगेराल्ड ने इस परियोजना में निवेश के लिए 210 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कोई इकलौता मामला नहीं है। ट्रंप और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियां कम से कम 14 ऐसे माइनिंग प्रोजेक्ट्स में हित रखती हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार का समर्थन प्राप्त है और ये कंपनियां अमेरिकी सरकार से लगभग 8.9 अरब डॉलर की संघीय फंडिंग, लोन या नियामक मंजूरी पाने की होड़ में सबसे आगे हैं। अमेरिकी सांसद मैक्सिन डेक्सटर ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि संसद को यह सुनिश्चित करना होगा कि टैक्सपेयर्स के पैसों का इस्तेमाल देश के हित में हो, न कि ट्रंप प्रशासन के करीबी लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की जेबें भरने के लिए। वहीं, हितों के टकराव के आरोपों पर वाइट हाउस ने अपनी सफाई जारी की है। वाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के फैसलों के पीछे सिर्फ और सिर्फ अमेरिकी जनता का हित है और अमेरिका की क्रिटिकल सप्लाई चेन को सुरक्षित करना राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता है। इधर, वाणिज्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने अपनी पुरानी कंपनी कैंटर फिट्जगेराल्ड में अपनी हिस्सेदारी पहले ही बेच दी है और उनका इस लोन या फंडिंग फैसलों से कोई लेना-देना नहीं है।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!