नाग-नागिन के अमर प्रेम की अनोखी कहानी, Gwalior में बना मंदिर
ग्वालियर। शहर में आस्था और मान्यता से जुड़ा एक ऐसा मंदिर भी है, जिसकी कहानी बेहद अनोखी है। बहोड़ापुर क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित किशनबाग इलाके में बना अमर प्रेम मंदिर नाग-नागिन के जोड़े की कहानी को समर्पित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब एक दशक पहले हुई एक घटना के बाद इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। बताया जाता है कि 1 जनवरी 2015 की रात नाग और नागिन का जोड़ा सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान एक ट्रक की चपेट में आने से नाग की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, नागिन काफी देर तक अपने साथी के शव के आसपास घूमती रही। अगले दिन नागिन भी मृत अवस्था में मिली। इस घटना ने स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया।
लोगों ने दोनों नागों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया और बाद में उनकी याद में उसी स्थान पर नाग-नागिन की प्रतिमाएं स्थापित कर मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर का नाम अमर प्रेम मंदिर रखा गया। स्थानीय मान्यता में यह स्थान आज नाग देवता और सती नागिन माता के मंदिर के रूप में पहचाना जाता है। मंदिर में नाग-नागिन की प्रतिमाएं स्थापित हैं और श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगते हैं। खासकर नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। लोग नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और रिश्तों की खुशहाली की कामना करते हैं।
इस मंदिर से जुड़ी एक और मान्यता है कि यहां प्रेमी जोड़े और विवाह योग्य युवक-युवतियां भी मन्नत मांगने पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि नाग-नागिन के अटूट प्रेम की याद में बने इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। हालांकि नाग-नागिन की इस कहानी से जुड़े कई दावे स्थानीय मान्यता और लोगों द्वारा बताई गई घटना पर आधारित हैं, लेकिन इस घटना की याद में बनाया गया मंदिर आज भी लोगों के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र बना हुआ है। ग्वालियर का यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ अटूट प्रेम और समर्पण के प्रतीक के तौर पर भी अपनी अलग पहचान रखता है। नाग पंचमी के मौके पर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर विशेष महत्व रखता है।
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