Dark Mode
UWW का बढ़ा फैसला : रूस और बेलारूस के पहलवानों की वापसी

UWW का बढ़ा फैसला : रूस और बेलारूस के पहलवानों की वापसी

  • अब अपने झंडे तले खेलेंगे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले

जिनेवा। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संगठन (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू)) ने बड़ा फैसला लेते हुए रूस और बेलारूस के पहलवानों पर लगी सभी प्रमुख पाबंदियां हटाने का ऐलान कर दिया है। अब दोनों देशों के खिलाड़ी तुरंत प्रभाव से सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने राष्ट्रीय झंडे और पहचान के साथ हिस्सा ले सकेंगे। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीनियर स्तर समेत हर श्रेणी की प्रतियोगिता में रूसी और बेलारूसी पहलवान अपने-अपने देश के झंडे के नीचे मुकाबला करेंगे। इसके साथ ही खिलाड़ियों और टीम स्टाफ को अपनी यूनिफॉर्म पर अपने देशों का संक्षिप्त नाम इस्तेमाल करने की भी अनुमति दे दी गई है। यदि कोई खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतता है या टीम चैंपियनशिप अपने नाम करती है, तो पदक समारोह के दौरान संबंधित देश का राष्ट्रगान भी बजाया जाएगा। यूडब्ल्यूडब्ल्यू का यह फैसला पिछले कुछ वर्षों में अपनाई गई सख्त नीति से बिल्कुल अलग माना जा रहा है। वर्ष 2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की सिफारिशों के आधार पर रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थीं। उस समय दोनों देशों के पहलवानों और अधिकारियों को यूडब्ल्यूडब्ल्यू के कैलेंडर इवेंट्स में भाग लेने से रोक दिया गया था।

हालांकि समय के साथ संगठन ने चरणबद्ध तरीके से इन प्रतिबंधों में ढील देना शुरू किया। अप्रैल 2023 में यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने एक स्वतंत्र पैनल बनाया था, जिसका उद्देश्य रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों की पात्रता का आकलन करना था। उसी दौरान अंडर-15 और अंडर-17 आयु वर्ग के पहलवानों को न्यूट्रल एथलीट के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की अनुमति दी गई। इसके बाद जनवरी 2026 में अंडर-23 स्तर तक खिलाड़ियों को अपने राष्ट्रीय झंडे के साथ भाग लेने की मंजूरी मिली थी। संगठन ने सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में भी नियमों में बदलाव करते हुए पात्र खिलाड़ियों को यूडब्ल्यूडब्ल्यू ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा करने की छूट दी थी, हालांकि उस समय राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं थी। अब नई नीति लागू होने के बाद सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिए गए हैं। इस फैसले को वैश्विक कुश्ती जगत में बड़ा बदलाव माना जा रहा है और इससे रूस तथा बेलारूस के पहलवानों की अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरी वापसी सुनिश्चित हो गई है।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!