Trump बोले- हम न होते तो नष्ट हो जाते सऊदी और इजरायल
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के खिलाफ युद्ध में जीत के दावे कर रहे हैं, जबकि ईरान इन दावों को कोरी कल्पना बता रहा है। इसी बीच ट्रंप ने एक सनसनीखेज बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो सऊदी अरब और इजरायल का अस्तित्व मिट चुका होता। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान(एमबीएस) के साथ अपने रिश्तों को भी ‘बहुत अच्छा’ बताया। अमेरिका में तीसरी बार महाभियोग की संभावना पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि अब वह महाभियोग का सामना करने में माहिर होते जा रहे हैं।
ट्रंप के इन बयानों पर पलटवार करते हुए ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए निशाना साधा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति को अमेरिका के इतिहास का ‘सबसे खराब राष्ट्रपति’ बताते हुए उनके युद्ध में जीत के दावों पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, एक के बाद एक नाकामी के बाद भी अमेरिका के इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति सिर्फ बोलते जा रहे हैं। अब तो उनकी बातें उनकी अपनी कल्पनाओं से भी आगे निकल गई हैं। रेजाई ने साफ किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी कल्पना में हर दिन जीत सकता है, लेकिन असली हालात ईरान के लोग, उसके सैनिक और उसकी मिसाइलें तय करेंगे। यह बयान ट्रंप के उन दावों के जवाब में आया है, जिनमें वह लगातार कह रहे हैं कि अमेरिका ने युद्ध के अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं या जीत के करीब है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल मोस्तफा इजादी ने भी दावा किया है कि ईरानी सेना ने कई सैन्य क्षेत्रों में बड़ी तकनीकी प्रगति की है। उनके मुताबिक, ईरान ने जमीन पर लड़ाई, विमानन, एयर डिफेंस और नौसैनिक अभियानों में नई क्षमताएं विकसित की हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजादी ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सेना अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है, जिनमें से कुछ का युद्ध के मैदान में इस्तेमाल हो चुका है, जबकि कुछ तकनीकों का इस्तेमाल भविष्य में किया जाएगा। उन्होंने इसे ईरान का सरप्राइज बताया।ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, ट्रंप ने सऊदी अरब और इजरायल की सुरक्षा का श्रेय खुद को दिया। एक मैगज़ीन को दिए इंटरव्यू में उनसे एमबीएस के साथ रिश्तों को लेकर सवाल पूछा गया था। यह सवाल उन खबरों के बाद आया था, जिनमें कहा गया था कि ट्रंप ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की एमबीएस की मांग ठुकरा दी थी। इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के लिए बहुत कुछ किया है और वह उसकी सुरक्षा करते हैं।
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