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फिल्म 'System' के ट्रेलर को मिल रहा दमदार रिस्पांस

फिल्म 'System' के ट्रेलर को मिल रहा दमदार रिस्पांस

मुंबई। बहुप्रतीक्षित कोर्टरूम थ्रिलर फिल्म सिस्टम का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। करीब दो मिनट के इस ट्रेलर को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म का निर्देशन अश्विनी अय्यर तिवारी ने किया है। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म में ज्योतिका और आशुतोष गोवारिकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म के ट्रेलर में सत्ता, न्याय, सामाजिक असमानता और अदालत के भीतर छिपी सच्चाइयों की झलक देखने को मिलती है। ट्रेलर की शुरुआत नेहा राजवंश नाम की एक जुनूनी और महत्वाकांक्षी सरकारी वकील से होती है, जिसका किरदार सोनाक्षी सिन्हा निभा रही हैं। वह अपने पिता की ओर से दी गई एक कठिन चुनौती को स्वीकार करती है ताकि अपनी क्षमता साबित कर सके और फर्म में साझेदारी हासिल कर सके। हालांकि यह रास्ता आसान नहीं होता। इस दौरान वह सारिका नाम की कोर्टरूम स्टेनोग्राफर को अपने साथ जोड़ती है, जिसका किरदार ज्योतिका निभा रही हैं। ट्रेलर में दिखाया गया है कि सारिका के मन में भी कुछ छिपे हुए इरादे हैं, जो कहानी को और रहस्यमय बना देते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, अदालत के भीतर होने वाली तीखी बहसें, भावनात्मक टकराव और समाज में मौजूद असमानता की तस्वीर सामने आने लगती है। फिल्म यह सवाल उठाती नजर आती है कि क्या न्याय हर व्यक्ति तक बराबरी से पहुंच पाता है या फिर अमीरी और ताकत के शोर में गरीबों की आवाज दब जाती है।

ट्रेलर में कई दमदार संवाद और भावनात्मक दृश्य देखने को मिलते हैं, जो इसे एक गंभीर सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म बनाते हैं। निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी ने कहा कि ऐसी कई कहानियां हमारे आसपास मौजूद होती हैं, लेकिन उन्हें पूरी सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर लाना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद को चुनौती देना पसंद है और यही वजह है कि उन्होंने ‘सिस्टम’ जैसी फिल्म बनाई। उन्होंने फिल्म के कलाकारों की भी जमकर तारीफ की और कहा कि सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका ने अपने किरदारों को बेहद मजबूती से निभाया है। सोनाक्षी सिन्हा ने अपने किरदार को चुनौतीपूर्ण और संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा ऐसी कहानियां पसंद आती हैं, जो उन्हें एक कलाकार के तौर पर नई चुनौती दें। अभिनेत्री के मुताबिक यह फिल्म उस समाज की सच्चाई को सामने लाती है, जहां कई बार इंसाफ भी सामाजिक ढांचे की तरह बंटा हुआ नजर आता है।

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