चीनी हो जाएगी महंगी, बढ़ सकते हैं दाम
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ (एनएफसीएसएफ) ने सरकार से चीनी का न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाकर कम से कम 42 रुपए प्रति किलोग्राम करने का आग्रह किया ताकि बढ़ती उत्पादन लागत के बीच मिलों को परिचालन जारी रखने में मदद मिल सके। एक रिपोर्ट से पता चला है कि सरकार 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2024-25 के आगामी सीजन के लिए चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगर सरकार चीनी की एमएसपी में बढ़ोतरी करती है तो इसका असर खुदरा बाजार में देखने को मिलेगा। चीनी की प्रति किलो कीमत बढ़ सकती है।
जानकारों का कहना है कि चीनी की कीमत प्रति किलो 3 से 4 रुपए बढ़ सकती है। न्यूनतम बिक्री मूल्य वर्ष 2019 से 31 रुपए प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रखा गया है, जबकि सरकार ने हर साल गन्ना उत्पादकों को दिए जाने वाले उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में वृद्धि की है। एनएफसीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने एक बयान में कहा कि महासंघ ने खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों को आंकड़े सौंपे हैं, जिसमें चीनी उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि दिखाई दे रही है, जिससे न्यूनतम विक्रय मूल्य को गन्ने के एफआरपी के साथ तालमेल बिठाना आवश्यक हो गया है। यदि चीनी का न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाकर 42 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया जाता है, तो चीनी उद्योग को लाभ हो सकता है।
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