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  • Thursday, 22 October 2026
‎‎विमानन कर्मचा‎रियों की कमी जितनी दिख रही, उससे भी ज्यादा गंभीर: Kapa India

‎‎विमानन कर्मचा‎रियों की कमी जितनी दिख रही, उससे भी ज्यादा गंभीर: Kapa India

भारतीय विमानन कंपनियां साल 2024-25 में अपने बेड़े में 82 और विमान शामिल करेंगी

नई दिल्ली। पायलटों, चालक दल के सदस्यों और विमानन क्षेत्र के अन्य प्रमुख कर्मचारियों की कमी अनुमान या अभी दिखने वाली कमी की तुलना में कहीं ज्यादा गंभीर है। विमानन सलाहकार फर्म कापा इंडिया ने यह जानकारी दी। इसके अलावा भारतीय विमानन कंपनियां साल 2024-25 के दौरान अपने बेड़े में 82 और विमान शामिल करेंगी, जिससे देश में वाणिज्यिक विमानों की कुल संख्या बढ़कर 812 हो जाएगी। विस्तारा ने मार्च से अप्रैल के दौरान पायलटों के एक समूह द्वारा ली गई बीमारी की छुट्टी के कारण अपनी 10 फीसदी उड़ानें रद्द कर दी थीं। विमानन कंपनी का एयर इंडिया में विलय किया गया था। इसके तहत उन्हें दिए जाने वाले वेतन के नए पैकेज और काम के सख्त शेड्यूल के कथित असंतोष के बीच उन्होंने ऐसा किया था।

पिछले साल सितंबर में अकासा एयर को करीब 24 दैनिक उड़ानें रद्द करने के लिए विवश होना पड़ा था क्योंकि लगभग 43 पायलटों ने प्रतिस्पर्धी विमानन कंपनी में जाने के लिए नोटिस की जरूरी अवधि पूरी किए बिना अचानक इस्तीफा दे दिया था। कापा इं‎डिया के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने कंपनी के वार्षिक शिखर सम्मेलन में कहा कि पायलटों, एएमई (विमान रखरखाव इंजीनियरों), चालक दल, फ्लाइट डिस्पैचर आदि की कमी मौजूदा अनुमान या अभी जो दिख रही है, उसकी तुलना में कहीं ज्यादा गंभीर है। संभवतः इस वर्ष नए एफडीटीएल दिशानिर्देशों की शुरूआत और पश्चिम एशियाई विमानन कंपनियों द्वारा प्रतिस्पर्धी कंपनियों के कर्मियों की भर्ती से कार्मिक किल्लत और बढ़ने के आसार हैं। कौल ने कहा कि इसके अलावा कर्मचारियों को बेहतर कार्य प्रणाली तथा अधिक उत्पादकता मानदंडों के अनुरूप बनाने से वेतन भत्तों में अंतर आएगा, जो प्रदर्शन से जुड़े होते हैं। हालांकि इससे अल्पकालिक परेशानी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक उत्पादकता लाभ होगा। उन्होंने कहा ‎कि विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस साल 2024-25 के दौरान अपने घाटे में खासी कमी कर सकती है।

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