फिल्म इश्कनामा को लेकर चर्चा में Shehnaaz Gill
मुंबई। कभी अपनी चुलबुली अदाओं और बेफिक्र अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री शहनाज गिल इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म इश्कनामा को लेकर चर्चा में हैं। शहनाज गिल ने अपने करियर में एक लंबा और विविध सफर तय किया है। खुद के द्वारा निभाए गए इन चुनौतीपूर्ण किरदारों को लेकर शहनाज का मानना है कि यह सब उनके सफर और किस्मत का हिस्सा है। उनका यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता है जिनमें कहा जा रहा था कि वह अपनी पुरानी छवि बदलने या दर्शकों को अपने व्यक्तित्व का दूसरा पहलू दिखाने के लिए इस तरह के किरदार चुन रही हैं। जब शहनाज गिल से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका ऐसा कोई मकसद नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा, मैं कुछ साबित करने की कोशिश नहीं कर रही हूं। मेरी किस्मत इसे साबित कर रही है। भगवान मुझे ताकत दे रहे हैं। उनकी कृपा से मुझे अच्छी स्क्रिप्ट मिल रही हैं।
शहनाज ने आगे कहा कि उन्हें जो भी मौके मिल रहे हैं, उन्हें वह पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार का सफर लगातार सीखने और खुद को बेहतर करने का होता है। वह किसी एक छवि में बंधकर काम नहीं करना चाहतीं, बल्कि अलग-अलग तरह की कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें। बातचीत के दौरान शहनाज से यह भी पूछा गया कि अगर उनकी जिंदगी की अपनी कोई इश्कनामा यानी प्रेम कहानी हो, तो उसका टाइटल क्या होगा। इस सवाल पर अभिनेत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, जब मेरी जिंदगी पर फिल्म बनेगी तो मुझे लगता है कि वह बहुत दिलचस्प होगी, और जब ऐसा होगा, तब मैं उसका टाइटल भी बताऊंगी। फिल्म में अपने किरदार को लेकर शहनाज गिल ने गहरी समझ और जिम्मेदारी दिखाई।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जब किसी सच्ची कहानी पर फिल्म बनाई जाती है तो जिम्मेदारी लेना बहुत जरूरी होता है। मैंने अपनी तरफ से इस जिम्मेदारी को पूरी क्षमता के साथ निभाने की कोशिश की है। मुझे विश्वास है कि मेरे किरदार को लोग जरूर पसंद करेंगे। इश्कनामा एक सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा की पृष्ठभूमि के बीच प्यार और रिश्तों की एक मार्मिक कहानी को दर्शाती है। यह फिल्म साल 1981 से 1988 के बीच की घटनाओं पर आधारित है, जिसमें निर्मल निम्मा और नसीमा की प्रेम कहानी को दिखाया गया है। यह कहानी युद्ध और राजनीतिक विभाजन के बावजूद पनपने वाले मानवीय संबंधों की गहराई को छूती है। इश्कनामा का निर्देशन अरविंद्र एस. खैरा ने किया है, जबकि फिल्म का निर्माण सौरभ राणा और रवनीत कौर चहल ने किया है।
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